Following the Rajpur SO controversy, a new police system was implemented in the district, with all station in-charges being profiled.
राजपुर थाने के एसओ शैंकी कुमार द्वारा नशे की हालत में कई गाड़ियों को टक्कर मारने के मामले ने पूरे जिले की पुलिस व्यवस्था को हिलाकर ही रख दिया है। घटना के बाद अब गढ़वाल आईजी ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए जिले के सभी थाना प्रभारियों की प्रोफाइल का ऑडिट कराने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
आईजी ने दिए सख्त निर्देश
गढ़वाल आईजी ने सभी एसओ व एसएचओ को एसएसपी कार्यालय में तलब कर एक-एक कर परिचय भी लिया। इस दौरान बुधवार रात राजपुर थाने का चार्ज दिए गए एसओ दीपक धारीवाल ने जैसे ही खुद को राजपुर प्रभारी बताया, आईजी ने उन्हें तत्काल टोकते हुए कहा – “तुम अभी कालसी में ही रहोगे।” यही निर्देश रात में कालसी भेजे गए संदीप कुमार को भी दिए गए। यानी रात में एसएसपी द्वारा किए गए तबादले सुबह होते ही निरस्त भी कर दिए गए।
एसओ शैंकी कुमार सस्पेंड, मुकदमा दर्ज
बुधवार रात हुई दुर्घटना में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए व कुछ लोग घायल भी बताए गए। एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से एसओ शैंकी कुमार को निलंबित कर उनके खिलाफ राजपुर थाने में ही मुकदमा भी दर्ज कर लिया। मामले की जांच भी जारी है।
पहली बार होगा ‘प्रोफाइल ऑडिट’
गढ़वाल आईजी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय से अनुरोध कर डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर को सभी मौजूदा थाना प्रभारियों की प्रोफाइलिंग का जिम्मा भी सौंपा गया है। ऑडिट के दौरान इन बिंदुओं को भी परखा जाएगा:
- क्राइम कंट्रोल में प्रदर्शन
- जनता से व्यवहार
- वरिष्ठ स्तर पर शिकायतों का रिकॉर्ड
- प्रमुख मामलों की विवेचना की गुणवत्ता
इन्हीं मानकों के आधार पर तय होगा कि कौन अधिकारी थाने की कुर्सी संभालने के योग्य भी है।
राजपुर थाने के लिए तीन नामों का पैनल
फिलहाल एसओ राजपुर के पद के लिए 3 नामों का पैनल मांगा गया है। इनमें से ही नए थाना प्रभारी का चुनाव भी किया जाएगा।
