Embankment broke due to Ganga erosion, alarm bells sounded in many villages, administration on alert
बिजनौर में गंगा कटान ने अब बड़ा रूप ले लिया है। बैराज से रावली के बीच बना तटबंध करीब 25 मीटर की दूरी में टूट भी गया है। हालात बिगड़ने पर गांवों को खाली कराने का काम युद्धस्तर पर भी चल रहा है। कटान रोकने के लिए 2 दिनों से चल रहे प्रयास नाकाम ही साबित हुए।
सोमवार शाम डीएम जसजीत कौर ने वीडियो जारी कर आसपास के 12 गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील भी की थी। अब तटबंध टूटने से बड़कला, धर्मनगरी, घासीवाला, नवलपुर, हेमराज, चांदपुर नौआबाद, रावली और बेगावाला समेत बिजनौर शहर का कुछ हिस्सा भी प्रभावित हो सकता है।
स्थिति पर लगातार नजर: प्रभारी मंत्री
प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि
हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। डीएम बिजनौर से बातचीत कर राहत व बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
“जान-माल की क्षति न हो” : विधायक
सदर विधायक सुचि चौधरी ने कहा कि
हर संभव प्रयास हो रहा है ताकि जान-माल की क्षति भी न होने पाए।
वहीं, भाकियू (अराजनैतिक) के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि 40 घंटे में भी 300 मीटर तटबंध को बचाया ही नहीं जा सका। अगर मध्य गंगा नहर न काटी गई तो आधा बिजनौर बाढ़ की चपेट में ही आ जाएगा।
प्रशासन से संवाद जारी : भारतेंद्र सिंह
पूर्व सिंचाई मंत्री एवं पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने कहा कि
इस मसले पर प्रशासन के साथ-साथ शासन स्तर पर भी अब चर्चा की जाएगी।
