E-rickshaws shutting down in the middle of the road via a mobile app! Drivers in Rudrapur are distressed by students' mischief; police have launched an investigation.
रुद्रपुर में चलते ई-रिक्शों के अचानक बंद होने की घटनाओं के पीछे एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया है। शुरुआती पड़ताल में पता चला है कि कुछ स्कूली छात्र ‘Bat BMS’ नाम का मोबाइल ऐप डाउनलोड कर ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शों के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से कनेक्ट होने की कोशिश भी कर रहे हैं। इससे ई-रिक्शों की बिजली सप्लाई बाधित होने और वाहन बीच रास्ते में बंद होने की शिकायतें सामने भी आ रही हैं।
कुछ छात्रों ने दावा किया कि स्कूल की छुट्टी के समय सड़क पर ई-रिक्शों की भीड़ व जाम से बचने के लिए उन्होंने इस ऐप का इस्तेमाल करना भी शुरू किया। उनका कहना है कि कई चालक सड़क के बीच सवारियां बैठाने व उतारने लगते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है।
वहीं, ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि इस तरह की हरकत उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर ही डाल रही है। कई चालकों के वाहन चलते-चलते बंद हो गए, जिससे सवारियों को बीच रास्ते उतरना ही पड़ा। कुछ मामलों में बैटरी का लॉक खुलवाने के लिए चालकों को करीब 1200 रुपये तक खर्च भी करने पड़े। एक ई-रिक्शा विक्रेता के अनुसार अब तक 200 से 250 चालकों के वाहन इस तरह के लॉक की समस्या के बाद ठीक भी कराए जा चुके हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी डिजिटल ऐप का इस प्रकार दुरुपयोग न केवल कानून का उल्लंघन भी हो सकता है, बल्कि इससे सड़क पर गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ भी सकता है।
सीओ रुद्रपुर विभव सैनी ने बताया कि संबंधित ऐप के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है व जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से ऐसे किसी भी ऐप का गलत तरीके से इस्तेमाल न करने की अपील भी की है।
वहीं, सीओ काशीपुर प्रशांत कुमार ने कहा कि मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा बंद करने की घटनाओं की जानकारी भी मिली है। हालांकि अभी तक किसी पीड़ित ने औपचारिक शिकायत ही नहीं दी है, लेकिन पुलिस अपने स्तर पर ऐसे शरारती तत्वों की पहचान करने में ही जुटी है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की हरकत कभी भी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती है।
