सीएम धामी के 5 साल: UCC से सख्त कानूनों तक, जानिए सरकार के बड़े फैसले और उपलब्धियां

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई को बतौर मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल के 5 वर्ष (1831 दिन) पूरे कर लिए हैं। इस दौरान धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) समेत कई ऐतिहासिक फैसले लागू किए, वहीं निवेश, रोजगार, डिजिटल सेवाओं व बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष जोर दिया।

सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर विवाह, तलाक व संपत्ति के मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान नियम लागू किए। बहुविवाह पर रोक लगाई गई और लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य भी किया गया। सरकार के अनुसार अब तक 4.5 लाख से अधिक विवाह व 92 लिव-इन संबंधों का पंजीकरण भी हो चुका है।

भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए देश के सबसे सख्त कानूनों में शामिल नकल विरोधी कानून लागू भी किया गया। इसके तहत पेपर लीक व संगठित नकल कराने वालों के लिए आजीवन कारावास व 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। वहीं दंगा रोधी कानून के जरिए सार्वजनिक व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से क्षतिपूर्ति वसूली का प्रावधान किया गया।

धामी सरकार ने धर्मांतरण कानून को और भी सख्त बनाया। जबरन, लालच या धोखे से धर्म परिवर्तन कराने पर 3 से 10 वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया। इसके अलावा नए भू-कानून के माध्यम से पहाड़ी क्षेत्रों की कृषि भूमि की खरीद के नियमों को कड़ा कर स्थानीय लोगों के हितों को सुरक्षित करने का दावा भी किया गया।

सरकार ने हाल ही में मदरसा बोर्ड को भंग कर अल्पसंख्यक शिक्षा से जुड़े नए प्रावधान भी लागू किए हैं। इसके तहत मदरसों में राज्य बोर्ड के पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम भी बढ़ाए गए हैं।

डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में 900 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध भी कराई गई हैं। ई-ऑफिस, ई-टेंडरिंग, ई-डिस्ट्रिक्ट व डिजिटल भूमि अभिलेख जैसी व्यवस्थाओं से पारदर्शिता बढ़ाने का दावा भी किया गया है।

सरकार के अनुसार पिछले पांच वर्षों में 30 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां भी दी गईं। साथ ही कृषि, उद्योग, पर्यटन, सौर ऊर्जा व स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 40 से अधिक नई नीतियां लागू की गईं।

ऊर्जा क्षेत्र में सौर ऊर्जा नीति, पंप स्टोरेज नीति व भू-तापीय ऊर्जा नीति लागू की गईं। राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक 4000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य भी रखा है।

सरकार का दावा है कि इस दौरान राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई, प्रति व्यक्ति आय में करीब 41 प्रतिशत की वृद्धि भी दर्ज की गई और उत्तराखंड ने नीति आयोग की एसडीजी रैंकिंग में देश में पहला स्थान हासिल भी किया। इसके अलावा उत्तराखंड परिवहन निगम वर्षों बाद घाटे से बाहर आया, राज्य ने पहली बार राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी की व अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई भी की गई।