Big news Mastermind of ₹750 crore cyber fraud arrested from IGI Airport
दिल्ली के IGI एयरपोर्ट से लुकआउट सर्कुलर (LOC) के तहत इंटरस्टेट साइबर फ्रॉड केस में चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक अग्रवाल को गिरफ्तार भी किया गया है। वह एक बड़े संगठित गिरोह का मास्टरमाइंड भी बताया जा रहा है, जिसने फर्जी लोन ऐप्स के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी भी की।
क्या है पूरा मामला?
- 750 करोड़ रुपये से अधिक का फ्रॉड:
अभियुक्त ने अपनी व अपनी पत्नी के नाम पर 35-40 शेल कंपनियां बनाई थीं, जिनमें कई में चीनी नागरिक सह-निर्देशक भी हैं। कंपनियों के माध्यम से भारी मात्रा में संदिग्ध लेनदेन भी हुआ है। - फर्जी लोन ऐप्स का नेटवर्क:
“Inst Loan”, “Maxi Loan”, “KK Cash”, “RupeeGo”, “Lendkar” जैसे 15 से अधिक फर्जी ऐप्स के जरिए देशभर में लोगों को कम दस्तावेज़ों में त्वरित लोन देने का झांसा भी दिया गया। - ब्लैकमेल और धमकी:
ऐप डाउनलोड करवाकर यूजर्स के मोबाइल एक्सेस भी ले लिए जाते थे। फिर गैलरी, कॉन्टैक्ट्स व निजी डेटा चुराकर एडिट की गई तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर भारी वसूली भी की जाती थी।
अब तक की कार्रवाई
- मुख्य आरोपी अभिषेक अग्रवाल गिरफ्तार – LOC के तहत IGI एयरपोर्ट से
- बरामद: मोबाइल, पासपोर्ट, थाईलैंड व भारतीय करेंसी, एप्पल वॉच आदि
- पहले गिरफ्तार: Hector Lendkaro Pvt. Ltd. के मास्टरमाइंड अंकुर ढींगरा
- STF ने औरंगाबाद व गुड़गांव में रेड की थी
चीनी लिंक की जांच जारी
अभिषेक ने पूछताछ में खुलासा किया कि गिरोह की शुरुआत 2019 में चीनी नागरिकों के सहयोग से ही की गई थी। वह खुद शंघाई व शेन्ज़ेन की यात्रा भी कर चुका है। भारत सरकार और इंटरपोल से संपर्क कर आगे की कड़ी जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस की सख्ती
उत्तराखंड STF के SSP नवनीत सिंह के नेतृत्व में इस मामले की विवेचना भी की जा रही है। ADG लॉ एंड ऑर्डर डॉ. वी. मुरुगेसन और डॉ. नीलेश आनंद भरणे के निर्देशन में साइबर पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए लगातार कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है।
