Controversy over actress Urvashi Rautela's statement, Tirth priests and former Dharmadhikari raised objection
बदरीनाथ/देहरादून: बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला द्वारा बदरीनाथ धाम के पास स्थित उर्वशी मंदिर को अपने नाम से जोड़ने संबंधी बयान पर विवाद गहरा ही गया है। अभिनेत्री के इस दावे की तीखी निंदा बदरीनाथ के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल और उत्तराखंड चारधाम तीर्थपुरोहित महापंचायत ने की है। दोनों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है और माफी की मांग भी की है।
“यह मंदिर माता सती को समर्पित है, किसी व्यक्ति विशेष को नहीं” – भुवन चंद्र उनियाल
पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने साफ कहा कि बदरीनाथ धाम के पास स्थित उर्वशी मंदिर का संबंध प्राचीन धार्मिक मान्यताओं से भी है। उन्होंने कहा,
“यह मंदिर माता सती को समर्पित है, जिनके अंग अग्निकुंड में देह त्याग के बाद विभिन्न स्थानों पर गिरे। इसी आधार पर भारतवर्ष में 108 शक्तिपीठों की मान्यता है। किसी व्यक्ति का इस मंदिर को अपने नाम से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक है।”
महापंचायत की कड़ी आपत्ति, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
चारधाम तीर्थपुरोहित महापंचायत ने भी अभिनेत्री के बयान को लेकर नाराजगी भी जाहिर की है। महापंचायत के महासचिव डा. बृजेश सती और प्रवक्ता अनिरुद्ध प्रसाद उनियाल ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल एक इंटरव्यू में उर्वशी रौतेला ने कहा कि
“बदरीनाथ धाम के पास स्थित उर्वशी मंदिर उनके नाम पर है और श्रद्धालु वहां उनके नाम पर मत्था टेकने आते हैं।”
महापंचायत ने इसे जनमानस की आस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए बयान को तुरंत वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि
“उर्वशी मंदिर इस क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी को समर्पित है, जिसका नाम देवी उर्वशी है। इस मंदिर का किसी फिल्म अभिनेत्री से कोई संबंध नहीं है।”
अदालत जाने की चेतावनी
महापंचायत ने चेतावनी दी है कि यदि अभिनेत्री उर्वशी रौतेला बयान वापस नहीं लेतीं और सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगतीं, तो उनके खिलाफ न्यायालय में याचिका भी दायर की जाएगी।
इस पूरे मामले ने धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर संवेदनशीलता बढ़ा दी है, और तीर्थ क्षेत्र में लोगों की भावनाएं स्पष्ट रूप से आहत हुई हैं। अब देखना होगा कि अभिनेत्री की ओर से इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया भी आती है।
