Wife saved husband's life by donating a kidney; now, together, they have won 9 medals.
जिंदगी में मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर हौसला मजबूत हो तो हर चुनौती को मात दी जा सकती है। इसकी मिसाल देहरादून में रहने वाले विपिन यादव और उनकी पत्नी प्रियंका शर्मा ने पेश की है। जिस पत्नी ने पति को अपनी किडनी दान कर नया जीवन दिया, उसी के साथ अब उन्होंने खेल के मैदान में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए नौ पदक अपने नाम किए हैं। दोनों की यह उपलब्धि प्रेम, त्याग और मजबूत इच्छाशक्ति की प्रेरणादायक कहानी बन गई है।
दिल्ली में एक नवंबर को आयोजित नेशनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट गेम्स-2026 में विपिन यादव और उनकी पत्नी प्रियंका शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में दोनों ने कुल नौ पदक हासिल किए, जिनमें तीन स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले विपिन वर्ष 2012 से देहरादून के बंगाली कोठी क्षेत्र में रह रहे हैं।
विपिन ने बताया कि 11 मार्च 2025 को लखनऊ के एक अस्पताल में उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। इस मुश्किल दौर में उनकी पत्नी प्रियंका शर्मा ने अपनी किडनी दान कर उन्हें नया जीवन दिया। गंभीर स्वास्थ्य चुनौती से उबरने के बाद विपिन ने दोबारा खेल के मैदान में वापसी की और पत्नी के साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर शानदार उपलब्धि हासिल की।
प्रतियोगिता के तहत आयोजित पेटांक मुकाबले में दोनों ने दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक जीता। इस राष्ट्रीय आयोजन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव भी मौजूद रहे।
विपिन और प्रियंका की यह उपलब्धि सिर्फ नौ पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह त्याग, विश्वास, प्रेम, अनुशासन और कभी हार न मानने वाले जज्बे की मिसाल है। विपिन का कहना है कि उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अंगदान किसी व्यक्ति को सिर्फ नया जीवन ही नहीं देता, बल्कि उसके सपनों को भी नई उड़ान दे सकता है। दोनों की सफलता उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे हैं।
