CM Dhami's heartfelt letter on PM Modi's birthday; announces 'Seva Sankalp Abhiyan'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक भावपूर्ण पत्र लिखकर उनके संघर्ष, नेतृत्व और देश के विकास में योगदान को याद किया। सीएम धामी ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ का उल्लेख करते हुए कहा कि फल की आसक्ति से मुक्त होकर लोक-कल्याण के लिए समर्पित होना ही वास्तविक तपस्या है।
उन्होंने महात्मा बुद्ध, आचार्य चाणक्य, स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और बाबासाहेब आंबेडकर से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के योगदान का जिक्र किया। धामी ने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि और चाय की केतली के संघर्ष से देश के शीर्ष नेतृत्व तक प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अपनी पहली मुलाकात का अनुभव साझा करते हुए लिखा कि जब उन्हें पहली बार उत्तराखंड के मुख्य सेवक का दायित्व मिला और वह नई दिल्ली स्थित पीएमओ में मुलाकात के लिए पहुंचे, तो मन में उत्साह के साथ संकोच और थोड़ा डर भी था। लेकिन मोदी जी ने आत्मीयता से उन्हें अपने पास बिठाया। धामी ने प्रधानमंत्री के हृदय को बरगद की तरह विशाल और सागर की तरह गहरा बताते हुए कहा कि उसमें सभी नागरिकों के लिए समान करुणा और कर्तव्य का भाव है।
पत्र में सीएम धामी ने प्रधानमंत्री की विभिन्न योजनाओं और नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सैनिक कल्याण, वृद्धावस्था पेंशन और आयुष्मान कार्ड जैसी समावेशी योजनाओं ने समाज के विभिन्न वर्गों को सहारा दिया है। कौशल भारत, स्टार्ट-अप इंडिया और मुद्रा योजना ने युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाने में मदद की है। परीक्षा पे चर्चा, युवा संवाद और पीएम श्री स्कूलों के माध्यम से प्रधानमंत्री युवाओं के मार्गदर्शक बने हैं।
सीएम धामी ने रामायण में भगवान राम द्वारा सुग्रीव को संरक्षण देने का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी समकालीन राजनीति में उनके जैसे साधारण कार्यकर्ताओं को संबल प्रदान किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को किसी व्यक्ति, वर्ग, जाति, धर्म या क्षेत्र विशेष का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का सजग अभिभावक बताया। साथ ही, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, लखपति दीदी, उज्ज्वला योजना और जनधन खातों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से महिलाओं को आत्मनिर्भरता मिली है। किसान सम्मान निधि से अन्नदाताओं को आर्थिक संबल मिला है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों और राहुल गांधी की राजनीति को देखने पर चिंताजनक और गैर-जिम्मेदाराना परिदृश्य उभरता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष तात्कालिक राजनीतिक स्वार्थ के लिए राष्ट्रहित के दीर्घकालिक मूल्यों और देश के इतिहास व भविष्य को नुकसान पहुंचाने की प्रवृत्ति से ग्रसित है। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने परिवारवाद और तुष्टिकरण की परिपाटी को समाप्त कर योग्यता और जनसमर्पण को राजनीति का पैमाना बनाया है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2014 के बाद भारत की वैश्विक भूमिका में आए बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने जी-20, एआई समिट, ब्रिक्स, क्वाड, चंद्रयान की सफलता और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को देश के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक बताया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल कॉरिडोर और नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार को उन्होंने सांस्कृतिक पुनरुत्थान का उदाहरण बताया। धामी ने कहा कि भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और यूपीआई, एक्सप्रेस-वे व आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बल पर शीर्ष तीन की ओर बढ़ रहा है।
उत्तराखंड के संदर्भ में सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का देवभूमि से विशेष लगाव है। उनके कथन ‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा’ को राज्य सरकार ने संकल्प बनाया है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), देश का सबसे कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून, मदरसा सुधार कानून और नकल विरोधी कानून लागू किए हैं। उनके अनुसार, इन प्रयासों से 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि नीति आयोग की एसडीजी रैंकिंग में उत्तराखंड ने प्रथम स्थान हासिल किया है और राज्य की प्रति व्यक्ति आय में लगातार 11 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर उत्तराखंड सरकार 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जनभागीदारी, संवाद, सेवा और नवाचार पर आधारित इस अभियान के तहत प्रदेशभर में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर शुरू किए जाएंगे, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा और महिला स्वयं सहायता समूहों को सीधे बाजार से जोड़ने जैसे कार्य किए जाएंगे।
पत्र के अंत में सीएम धामी ने देवभूमि की जनता की ओर से प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। उन्होंने ‘जीवेम शरदः शतम्’ का उल्लेख करते हुए आशा जताई कि प्रधानमंत्री इसी ऊर्जा के साथ देश का मार्गदर्शन करते रहें। साथ ही, उन्होंने संकल्प लिया कि प्रधानमंत्री के दिखाए सेवा, संकल्प और राष्ट्रप्रथम के मार्ग पर चलते हुए उत्तराखंड को आगामी दशक में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए मिलकर कार्य किया जाएगा।
