UPCL has made the smart meters of officers and employees prepaid, electricity will be cut as soon as the recharge is over.
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने अपने अधिकारियों व कर्मचारियों के स्मार्ट मीटर तत्काल प्रभाव से प्रीपेड मोड में भी बदल दिए हैं। इस संबंध में यूपीसीएल प्रबंधन की ओर से सभी संबंधित कर्मचारियों को मोबाइल मैसेज भेजकर जानकारी भी दी गई है।
बताया जा रहा है कि पिछले महीने केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल ने यूपीसीएल की समीक्षा बैठक में सरकारी कार्यालयों व कर्मचारियों के बिजली मीटर प्रीपेड करने के निर्देश भी दिए थे। इसी के तहत बृहस्पतिवार से इसकी शुरुआत भी कर दी गई।
यूपीसीएल पहले ही अधिकांश अधिकारियों व कर्मचारियों के आवासों पर स्मार्ट मीटर भी लगा चुका है। अब ये मीटर रिचार्ज आधारित प्रणाली पर संचालित भी होंगे। यानी जितना रिचार्ज होगा, उतनी ही बिजली उपलब्ध भी होगी। रिचार्ज समाप्त होने पर बिजली आपूर्ति स्वतः बंद भी हो जाएगी।
दरअसल, सरकारी विभागों पर हर साल करोड़ों रुपये का बिजली बिल बकाया रहना यूपीसीएल के लिए बड़ी चुनौती भी बना रहता है। कई विभागों, खासकर पेयजल व स्ट्रीट लाइट से जुड़े कनेक्शनों की बिजली काटना भी संभव नहीं हो पाता। ऐसे में प्रीपेड व्यवस्था लागू होने से बकाया बिल की समस्या कम होने की उम्मीद भी है।
प्रदेशभर में यूपीसीएल को 16 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाने हैं, जिनमें से करीब 3 लाख मीटर अब तक लगाए भी जा चुके हैं। हालांकि आम उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर फिलहाल पहले की तरह पोस्टपेड मोड में ही संचालित भी होते रहेंगे।
