Breaking News Brutality in a drug de-addiction centre – murder with a spoon in order to avoid going to jail
नशा मुक्ति केंद्र से निकलकर सीधे जेल पहुंचने की सनक में 2 आरोपियों ने 1 विकलांग मरीज की चम्मच से गोदकर बेरहमी से हत्या ही कर दी। यह चौंकाने वाला मामला पंजाब के बठिंडा जिले के एक निजी नशा मुक्ति केंद्र का है, जहां दोनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि वे केंद्र की सख्ती और पाबंदियों से परेशान थे और जानबूझकर हत्या की योजना बनाई ताकि जेल में भेजे जाएं।
हत्या की पहले से रची थी साजिश
नशा मुक्ति केंद्र के संचालक रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी बीते बुधवार रात उनकी हत्या की फिराक में थे, लेकिन जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरों के कारण वे अपनी योजना को अंजाम ही नहीं दे पाए। अगले ही दिन दोनों ने एक ऐसे मरीज को निशाना बनाया, जो चलने-फिरने में असमर्थ भी था। दोनों ने चम्मच को हथियार बनाकर उसकी हत्या ही कर दी।
पुराने मरीज के जरिए भर्ती हुए थे आरोपी
दोनों आरोपी – गुरदीप सिंह और हरमनदीप सिंह – बठिंडा के रहने वाले हैं और एक पूर्व मरीज के माध्यम से केंद्र में भर्ती भी हुए थे। संचालक के अनुसार, गुरदीप सिंह पहले भी 2024 में एक माह तक केंद्र में रह चुका था, लेकिन कर्मचारियों को चकमा देकर भाग गया था। परिजन उसे दोबारा 31 मार्च 2025 को केंद्र लेकर आए थे।
हरमनदीप सिंह को हाल ही में 13 अप्रैल को केंद्र में फिर भर्ती किया गया था। दोनों आरोपियों की मानसिक स्थिति को देखते हुए अब उन्हें मेडिकल जांच के लिए भी भेजा गया है।
मृतक के परिवार में पसरा मातम
हत्या का शिकार हुए अजय कुमार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक के 2 बेटे हैं – बड़ा बेटा यूपी पुलिस में बरेली में तैनात है और छोटा बेटा मेरठ के एक विश्वविद्यालय में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर भी कार्यरत है। अजय कुमार की पत्नी एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में शिक्षिका भी हैं। शराब की लत के चलते अजय को 8 अप्रैल को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती भी कराया गया था।
2018 से चल रहा है नशा मुक्ति केंद्र
रविंद्र कुमार द्वारा संचालित यह नशा मुक्ति केंद्र 24 जुलाई 2018 को शुरू किया गया था। फिलहाल यहां 56 मरीज भर्ती हैं और देखरेख के लिए 14 कर्मचारी तैनात हैं। घटना के बाद पुलिस ने जांच भी तेज कर दी है और आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज कर लिया गया है।
