ब्रेकिंग न्यूज़ | पहलगाम आतंकी हमले के बाद सख्ती: देहरादून में रह रहे पाकिस्तानी दंपती को वापस भेजा गया
देहरादून | जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के नागरिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए भारत में आए पाकिस्तानी नागरिकों को तत्काल ही देश छोड़ने का आदेश भी जारी किया है। इसी के तहत उत्तराखंड के देहरादून में भी शॉर्ट टर्म वीजा पर रह रहे पाकिस्तानियों की खोजबीन भी शुरू हुई, जिसमें एक पाकिस्तानी दंपती के विकासनगर क्षेत्र में ठहरे होने की पुष्टि भी हुई।
जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दंपती को तुरंत देहरादून छोड़ने के निर्देश भी दिए गए। दोनों गुरुवार शाम को सहारनपुर के लिए रवाना हो गए, जहां से वे ट्रेन के माध्यम से दिल्ली होते हुए पाकिस्तान को लौटेंगे।
217 पाकिस्तानी नागरिकों का हुआ सत्यापन
प्रशासन द्वारा की गई जांच में सामने आया कि देहरादून जिले में वर्तमान में कुल 217 पाकिस्तानी नागरिक भी रह रहे हैं। इनमें से 210 हिंदू शरणार्थी भी हैं, जबकि शेष 5 मुस्लिम नागरिक हैं। अधिकारियों के अनुसार इनमें से 3 पाकिस्तानी मुस्लिम महिलाओं ने देहरादून में भारतीय नागरिकों से विवाह भी किया है, और उनके 2 छोटे बच्चे भी हैं। इन्हें भारत में रहने की अनुमति भी दी गई है।
पाकिस्तान लौटाया गया पाकिस्तानी दंपती
बाकी बचे 2 पाकिस्तानी नागरिक – आसिफ महमूद और उनकी पत्नी दुआ बिन तारिक – को प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच सहारनपुर को रवाना कर दिया है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई है और दंपती अब भारत छोड़ भी चुका है।
विशेष मामला: पाकिस्तानी बच्चे, हिंदुस्तानी मां
इस दौरान एक संवेदनशील मामला भी सामने आया जिसमें 2 बच्चे पाकिस्तानी नागरिक हैं लेकिन उनकी मां भारतीय हैं। महिला की शादी पाकिस्तान में हुई थी और बच्चों का जन्म वहीं हुआ, जिससे उन्हें पाकिस्तानी नागरिकता भी मिली। बाद में महिला ने पति से तलाक लेकर बच्चों सहित सहसपुर में लौट आई। प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए दोनों बच्चों को मां के साथ भारत में ही रहने की अनुमति भी दे दी है।
केंद्र सरकार ने दिखाई सख्ती
गौरतलब है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख भी अपनाया है। देश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को चिन्हित कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। इससे पहले भी देश के विभिन्न राज्यों में कई पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भी भेजा गया है।