61st Foundation Day of Kainchi Dham A wave of faith swelled in the court of Baba Neeb Karori Maharaj
नैनीताल – उत्तराखंड के प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल कैंची धाम में आज रविवार को 61वां स्थापना दिवस श्रद्धा व भक्ति के वातावरण में मनाया जा रहा है। सुबह होते ही नीब करौरी बाबा के भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे यह मेला अब तक का सबसे ऐतिहासिक भी माना जा रहा है।
शनिवार शाम से ही कैंची क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, और 10 हजार से अधिक भक्त पहले ही यहां पहुंच भी चुके थे। रविवार की सुबह 4:45 बजे बाबा नीब करौरी महाराज के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना के साथ प्रसाद वितरण का शुभारंभ भी हुआ। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, मालपुए का प्रसाद सबसे पहले बाबा और मंदिर के देवी-देवताओं को अर्पित किया गया, इसके बाद श्रद्धालुओं को भी वितरित किया गया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 600 शटल वाहन तैनात
भीड़ को नियंत्रित व सुविधा संपन्न दर्शन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं को हल्द्वानी, भीमताल, भवाली और नैनीताल से कैंची धाम लाने के लिए 600 शटल वाहनों की व्यवस्था भी की गई है।
इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक रही कि करीब 2 किलोमीटर लंबी कतार लग गई। यातायात प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस हर मोर्चे पर तैनात रही। स्थानीय मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित कर श्रद्धालुओं को केवल शटल से धाम तक भी पहुंचाया गया।
डीएम और एसएसपी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए जिला अधिकारी (DM) स्वयं शटल सेवा से कैंची धाम पहुंचीं। उन्होंने बताया कि भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं, जिन्हें सुचारु रूप से दर्शन कराए जा रहे हैं। वहीं मौके पर पहुंचे एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए काठगोदाम, नैनीताल, भीमताल, भवाली व कैंची धाम में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
एसएसपी ने बताया कि,
“पुलिस की सतर्कता और प्रशासनिक समन्वय से अब तक किसी भी प्रकार की कोई अव्यवस्था नहीं हुई है। श्रद्धालु शांति और आस्था के साथ बाबा के दर्शन कर रहे हैं।“
क्यों खास है कैंची धाम?
कैंची धाम हर वर्ष 15 जून को आयोजित होने वाले स्थापना दिवस मेले के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। नीब करौरी बाबा के भक्तों में भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी शामिल हैं, जिनमें एप्पल के पूर्व सीईओ स्टीव जॉब्स और फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग जैसे नाम भी शामिल हैं। बाबा के प्रति श्रद्धा और चमत्कारों की अनगिनत कथाएं भक्तों के जुबान पर रहती ही हैं।
कैंची धाम का 61वां स्थापना दिवस महज एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक आस्था और अनुशासन का आदर्श उदाहरण बनकर सामने आया है। प्रशासन और पुलिस की सशक्त व्यवस्था, भक्तों की भक्ति व मंदिर प्रबंधन के समर्पण ने इस मेले को यादगार भी बना दिया है।
