उत्तराखंड में धामी सरकार का एक फैसला बड़ी सियासी जंग बनता दिख रहा है। रजनी भंडारी मुद्दे पर कांग्रेस आक्रमक हो गयी है। विपक्ष नेता यशपाल आर्य ने बीजेपी पर बड़ा हमला करते हुए कहा है कि जिन आरोपों के तहत रजनी भंडारी को पद से हटाया गया था उसमें पहले ही दो बार चमोली जिलाधिकारी द्वारा की गई जांच में कोई भी वित्तीय अनियमितता नहीं पाई गई।
विपक्ष नेता यशपाल आर्य ने कहा कि बीजेपी की बदले की भावना, हाईकोर्ट में भले ही पराजित हो गई लेकिन सरकार ने एक बार फिर से चमोली जिला पंचायत निर्वाचित अध्यक्ष रजनी भंडारी को राजनीतिक द्वेष भावना से ग्रसित होकर अनियमिताओं का बेबुनियादी आरोप लगाकर अध्यक्ष पद से हटा दिया है जो बिलकुल भी उचित नहीं है।
इसके साथ ही यशपाल आर्य ने ये भी कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी सरकार द्वारा लिए इस निर्णय पर फिर से विचार विमर्श करना चाहिए। बदले की भावना, सरकार, राज्य और आम जनमानस के लिए बिलकुल भी उचित नहीं है।
कांग्रेस पार्टी एक बार फिर न्यायालय में जाकर बदले की भावना से लिप्त इस अनुचित कार्यवाही के ख़िलाफ़ न्याय की गुहार लगाएगी। कांग्रेस का प्रत्येक पार्टी कार्यकर्ता लोकतंत्र को नष्ट करने की इस द्वेषपूर्ण कार्यवाही में मज़बूती से उनके साथ हमेशा रहेगा।
