Tiger population set to rise in Rajaji Tiger Reserve; 5 more tigers to arrive from Corbett.
राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी-दक्षिणी क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बड़ी सफलता भी मिली है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने कार्बेट नेशनल पार्क से 5 और बाघों को राजाजी लाने की सहमति भी दे दी है। इनमें 3 बाघिन और 2 बाघ शामिल हैं।
राजाजी प्रशासन ने बाघ पुनर्वास परियोजना के दूसरे चरण के लिए एनटीसीए के समक्ष प्रस्तुतीकरण भी दिया था। मंजूरी मिलने के बाद अब बाघों के स्थानांतरण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे पश्चिमी क्षेत्र में बाघों की स्थायी आबादी विकसित करने व प्राकृतिक प्रजनन को बढ़ावा भी मिलेगा।
वर्ष 2020 से 2025 के बीच कार्बेट से पांच बाघों को राजाजी के पश्चिमी क्षेत्र में स्थानांतरित भी किया गया था। सभी बाघों को मेडिकल परीक्षण के बाद सैटेलाइट रेडियो कॉलर लगाकर जंगल में छोड़ा भी गया था। मई 2025 में 5वें बाघ को मोतीचूर रेंज में छोड़े जाने के साथ परियोजना का पहला चरण पूरा हुआ था।
हालांकि, इस दौरान चुनौतियां सामने भी आईं। वर्ष 2024 में एक बाघिन द्वारा जन्मे चार शावकों में से 2 को गुलदार ने अपना शिकार बना लिया था, जबकि दो शावकों का अब तक पता नहीं ही चल पाया है। वहीं पहले लाए गए 5बघों में से 3 के पार्क सीमा से बाहर चले जाने की आशंका भी जताई गई है।
राजाजी टाइगर रिजर्व में वर्तमान में करीब 55 बाघ हैं, जिनमें अधिकांश पूर्वी क्षेत्र में पाए भी जाते हैं। पश्चिमी क्षेत्र लंबे समय से बाघ विहीन रहा है, क्योंकि सड़क, नहर व अन्य मानव निर्मित अवरोधों के कारण बाघों का प्राकृतिक मूवमेंट प्रभावित भी हुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि संसाधनों से भरपूर यह क्षेत्र अधिक बाघों को सुरक्षित आवास प्रदान भी कर सकता है।
राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक कोको रोशे के अनुसार, एनटीसीए से सहमति मिल चुकी है व जल्द ही लिखित अनुमति प्राप्त होने के बाद आगे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।
