भालुओं से अकेले भिड़ीं सुशीला, बहादुरी से मौत को मात देकर बचाईं अपनी जान
अपने खेत में पशुओं के लिए चारापत्ती लेने गई सुशीला भंडारी पर 2 भालुओं ने एक साथ हमला कर दिया। बहादुरी से भालुओं का सामना करते हुए उन्होंने उन्हें भगा भी दिया, लेकिन खुद गंभीर रूप से घायल ही हो गईं। सुशीला गंभीर चोटों के बावजूद मौत के मुंह से वापस लौटी भी हैं।
घटना मंगलवार को शाम करीब 4:30 बजे हुई। सुशीला अपने खेत में चारापत्ती काट रही थीं कि तभी सामने से एक भालू आ गया। पाठल से मुकाबला कर उन्हें भगा भी दिया, लेकिन पीछे से दूसरा भालू हमला कर ही बैठा। महिला के माथे और सिर पर गहरे घाव हुए और माथे की हड्डी टूटी। जमीन पर गिरने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और जोर-जोर से चिल्लाने लगीं, जिससे भालू जंगल की ओर को भाग गया।
ग्रामीणों ने महिला को घर ले जाकर तुरंत जौलीग्रांट अस्पताल में पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि स्थिति गंभीर है और सीटी स्कैन के बाद पूरी जानकारी भी मिलेगी।
वन रेंजर एन.एल. डोभाल ने कहा कि गडूल क्षेत्र में भालू अपने बच्चों के साथ घूमते हैं, जो खतरनाक भी होते हैं। मंगलवार को नरेंद्रनगर के आगराखाल में भी भालू ने बकरी लेकर जा रहे एक युवक को घायल भी किया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में किसी पर भालू का हमला पहली बार ही हुआ है।
इससे पहले इस साल क्षेत्र में हाथियों द्वारा जानलेवा हमले की घटनाएं भी हुईं थीं। 8 जनवरी को अपर जौलीग्रांट में हाथी ने एक वृद्ध दंपत्ती को कुचलकर मार ही डाला था, जबकि 27 नवंबर को कालूवाला में हाथी से कक्षा 6 के छात्र की मौत हो गई थी।