Setback for AAP in Punjab; three former MLAs join BJP; moves underway to have their assembly memberships cancelled.
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल की राजनीति तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले तीन नेताओं ने सोमवार को दिल्ली में भाजपा का दामन थाम लिया। इनमें पूर्व विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा, हरमीत सिंह पठानमाजरा और पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह शामिल हैं।
तीनों नेताओं ने आम आदमी पार्टी से अलग होने के बाद भाजपा की सदस्यता ली। चेतन सिंह जौड़ामाजरा समाना और हरमीत सिंह पठानमाजरा सनौर विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं, जबकि कुंवर विजय प्रताप सिंह अमृतसर उत्तरी से विधायक हैं।
वहीं, भाजपा में शामिल होने के बाद कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में शिक्षा व्यवस्था खराब हो चुकी है और जबरन वसूली व अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने उनसे झूठे वादे किए और पिछले पांच साल उनके लिए मुश्किल भरे रहे।
हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी भाजपा में शामिल होने के बाद पंजाब में कर्ज, नशे और गैंगस्टरवाद जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा इन समस्याओं का समाधान कर सकती है।
उधर, अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक अब पार्टी के साथ नहीं रहना चाहते। उन्होंने पंजाब सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए।
विधायकों की सदस्यता रद्द कराने की तैयारी
इस बीच आम आदमी पार्टी ने चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा की विधानसभा सदस्यता रद्द कराने के लिए स्पीकर से मांग करने की बात कही है। पार्टी का दावा है कि दोनों विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पहले ही निलंबित किया जा चुका था।
गौरतलब है कि दोनों विधायकों के पार्टी छोड़ने के पीछे 2027 विधानसभा चुनाव के लिए टिकट न मिलने की नाराजगी को भी वजह बताया जा रहा है। शनिवार को AAP ने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी, जिसके अगले ही दिन दोनों विधायकों ने इस्तीफा दे दिया।
वहीं, पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह कोटकपूरा और बहिबल कलां मामलों की जांच करने वाली एसआईटी के प्रमुख रह चुके हैं। उन्हें वर्ष 2025 में आम आदमी पार्टी ने पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था।
इस तरह पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले तीन पूर्व AAP विधायकों के भाजपा में शामिल होने से प्रदेश की सियासत में नई हलचल शुरू हो गई है।
