टिहरी आ सकते हैं PM मोदी, 1000 मेगावाट पीएसपी परियोजना का करेंगे लोकार्पण

प्रधानमंत्री मोदी इस माह के अंत या जून के पहले सप्ताह में टिहरी दौरे पर भी आ सकते हैं। प्रस्तावित दौरे के दौरान प्रधानमंत्री टिहरी बांध की 1000 मेगावाट क्षमता वाली पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) परियोजना का लोकार्पण भी कर सकते हैं। प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन व टीएचडीसी ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

जानकारी के अनुसार, टिहरी झील किनारे कोटीकॉलोनी में प्रधानमंत्री की जनसभा भी प्रस्तावित है। इसके अलावा प्रधानमंत्री टिहरी मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रख सकते हैं। दौरे के दौरान बांध प्रभावितों के पुनर्वास, रायल्टी, रिंग रोड परियोजना व क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष फोकस रहने की संभावना भी है।

टिहरी बांध पहले से 1000 मेगावाट व कोटेश्वर बांध 400 मेगावाट बिजली उत्पादन भी कर रहे हैं। अब पीएसपी परियोजना के जुड़ने से कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 2400 मेगावाट भी हो जाएगी। करीब 8 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना भी मानी जा रही है, जो बिजली की मांग के अनुसार उत्पादन नियंत्रित करने में सक्षम भी होगी।

बताया जा रहा है कि परियोजना का लोकार्पण पहले 14 अप्रैल को प्रस्तावित था, लेकिन कार्यक्रम स्थगित भी हो गया था। इसी दौरान प्रधानमंत्री ने स्वयं टिहरी आने की इच्छा भी जताई थी। विधायक किशोर उपाध्याय ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर प्रधानमंत्री को टिहरी आने का निमंत्रण भी दिया है।

टिहरी बांध देश की प्रमुख जल विद्युत परियोजनाओं में भी शामिल है, जो नौ राज्यों को बिजली आपूर्ति भी कर रही है। साथ ही दिल्ली व उत्तर प्रदेश को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी भी यहीं से उपलब्ध भी कराया जाता है। हालांकि इस परियोजना के निर्माण के दौरान पुरानी टिहरी शहर पूरी तरह जलमग्न भी हो गया था। 37 गांव पूरी तरह झील में समा गए थे, जबकि 88 गांव आंशिक रूप से प्रभावित भी हुए थे। बांध प्रभावित हजारों परिवारों का पुनर्वास नई टिहरी, देहरादून, हरिद्वार व ऋषिकेश में किया गया था।