Nitin Navin's speech signals BJP's 2027 strategy; agenda clear—from Hindutva to development.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ‘राहुल मियां’ कहकर संबोधित करना महज संयोग नहीं माना जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर हल्द्वानी में दिए उनके भाषण से भाजपा की रणनीति के कई संकेत सामने आए। उन्होंने साफ तौर पर हिंदुत्व के मुद्दे को आगे रखने का संदेश दिया। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह नितिन नवीन का दूसरा प्रवास है और बुधवार को हल्द्वानी में उनके संबोधन को देखें तो पार्टी की चुनावी लाइन काफी स्पष्ट नजर आई।
वंदे मातरम के मुद्दे पर राहुल गांधी को ‘राहुल मियां’ कहकर संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस के शुद्धीकरण के मुद्दे पर भी हमला बोला और कहा कि जिस पवित्र भूमि से धर्म विशेष के नारे लगाए गए, उस भूमि का अपमान करने का काम किया गया। धर्म विशेष के मुद्दे के जरिए भी उन्होंने पार्टी का रुख स्पष्ट किया।
कार्यक्रम में पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नितिन नवीन को नीम करौरी बाबा की तस्वीर भेंट की थी। अपने संबोधन में नितिन नवीन ने इसका प्रमुखता से जिक्र किया और बाबा नीब करौरी के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि वह खुद भी यह फिल्म देखेंगे। उन्होंने माता नंदा-सुनंदा को प्रमाण किया और कहा कि इनके बगैर उत्तराखंड में कोई काम शुरू नहीं हो सकता। फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया और कहा कि अन्य राज्यों में भी इसे जल्द टैक्स फ्री किया जा सकता है। अपने भाषण में उन्होंने गंगा आरती का जिक्र करते हुए उत्तराखंड को ऊर्जा की भूमि बताया।
नितिन नवीन ने उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता यानी UCC, महिला क्षैतिज आरक्षण और शहीद आश्रितों से जुड़े फैसलों की भी सराहना की। इसे सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर धामी सरकार की पीठ थपथपाना नहीं माना जा रहा, बल्कि 2027 के चुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का चेहरा और उनके फैसलों को भाजपा के राष्ट्रीय एजेंडे के तौर पर आगे रखने का संकेत भी माना जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में मिलने वाली जीत की ऊर्जा पूरे देश में भगवा कायम करने में अहम साबित होगी।
नितिन नवीन ने मंच संभालते ही उत्तराखंड के साथ छत्तीसगढ़ और झारखंड के गठन का भी जिक्र किया और कांग्रेस को इतिहास के पन्नों में कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। उनका संदेश था कि उत्तराखंड का अस्तित्व भाजपा के विजन की देन है और इसके विकास की स्वाभाविक हकदार भी भाजपा ही है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देवभूमि केवल एक राज्य नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक चेतना और संगठन की वैचारिक प्रतिबद्धताओं को जमीन पर उतारने का उदाहरण है। पार्टी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने कड़े और साहसिक फैसलों के जरिए देश के सामने एक नया मॉडल पेश किया है।
UCC, सख्त धर्मांतरण कानून, नकल माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई और महिला सशक्तिकरण जैसे फैसलों को भाजपा ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन से जोड़ रही है। सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर चारधाम और आदि कैलाश तक हो रहे कायाकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘उत्तराखंड दशक’ के संकल्प को मजबूती देने वाला बताया गया।
वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर विजनहीन होने और समाज में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। पार्टी संगठन का लक्ष्य सरकार के इस रिपोर्ट कार्ड को हर घर तक पहुंचाना है। इसी के साथ 2027 में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनाने का संकल्प भी दोहराया गया।
