Karwa Chauth was celebrated with great enthusiasm in Khatima, married women kept a waterless fast for the long life of their husbands.
खटीमा: पूरे देश की तरह उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र खटीमा में भी शुक्रवार को करवाचौथ का पर्व धूमधाम से ही मनाया गया। सुबह सुहागिन महिलाओं ने स्नान-ध्यान कर करवा का पूजन किया व उगते सूर्य को अर्घ्य देकर दिनभर के निर्जला व्रत की शुरुआत भी की।
शाम को चंद्रमा के उदय के साथ महिलाओं ने परंपरागत विधि-विधान से चंद्र पूजन भी किया। इसके बाद अपने पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत को पूर्ण किया व भगवान से उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।
पहले पर्वतीय समाज में तीज को ही पति की लंबी आयु का प्रतीक पर्व माना जाता था, लेकिन अब नई पीढ़ी के साथ बुजुर्ग महिलाएं भी करवाचौथ को अपनाते हुए पूरे आस्था व उत्साह के साथ यह व्रत रख भी रही हैं।
खटीमा में जगह-जगह महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक परिधान पहने व समूहों में एक-दूसरे के साथ मिलकर करवाचौथ का पर्व भी मनाया।
