Heavy rain havoc Chardham Yatra suspended for 24 hours, Yamunotri highway closed, many workers missing due to cloudburst
उत्तराखंड में मूसलधार बारिश से जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है। खासकर यमुनोत्री हाईवे समेत कई संपर्क मार्गों पर भूस्खलन व जलभराव के कारण रास्ते ही बंद हो गए हैं। हालात को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने चारधाम यात्रा को अगले 24 घंटों के लिए स्थगित करने का निर्णय भी लिया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस व प्रशासन को हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, सोनप्रयाग व विकासनगर में यात्रियों को रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यमुनोत्री हाईवे बंद, श्रद्धालु गंगोत्री रूट की ओर भेजे गए
दुबाटा बैंड पर तैनात एसआई विक्रम सिंह ने बताया कि
यमुनोत्री हाईवे की स्थिति खराब होने के कारण श्रद्धालुओं को गंगोत्री की ओर डायवर्ट भी किया जा रहा है। इस बीच जानकीचट्टी, फूलचट्टी, खरसाली, राना चट्टी व स्याना चट्टी क्षेत्र में करीब 1000 से अधिक श्रद्धालु फंसे हुए हैं।
चौकी प्रभारी भूपेंद्र सिंह रावत के अनुसार,
जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक का पैदल मार्ग फिलहाल सामान्य है, इसलिए बीते दिन से रुके हुए तीर्थयात्रियों को धीरे-धीरे धाम की ओर जाने भी दिया जा रहा है।
सिलाई बैंड के पास बादल फटने से मची तबाही, कई मजदूर लापता
यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़ व ओजरी डाबरकोट के बीच स्थित सिलाई बैंड के पास बादल फटने से बड़ी तबाही ही मच गई। इस दौरान एक होटल निर्माण स्थल पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जिसमें काम कर रहे कई मजदूर भी लापता हो गए हैं।
लापता मजदूरों की तलाश के लिए प्रशासन की टीम व एसडीआरएफ ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन भी शुरू कर दिया है। भारी बारिश और मलबे के कारण राहत कार्यों में कठिनाई आ रही है, लेकिन टीमें लगातार प्रयासरत भी हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम साफ होने तक यात्रा टाल दें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। सभी ज़िलों में अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।
