Controversy over statues of Rampur Tiraha martyrs; resentment over order to install four instead of seven.
उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले रामपुर तिराहा गोलीकांड के शहीदों की मूर्तियों को लेकर शासन-प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। दो साल पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी शहीदों की मूर्तियां स्थापित करने की घोषणा की थी, लेकिन अब शासन की ओर से जारी आदेश में सात शहीदों की जगह सिर्फ चार की मूर्तियां लगाने की बात सामने आई है। खास बात यह है कि आदेश में यह भी नहीं बताया गया है कि वे चार शहीद कौन हैं।
2 अक्तूबर 1994 को उत्तराखंड अलग राज्य की मांग को लेकर दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर पुलिस ने गोलीबारी की थी। इस गोलीकांड में रविंद्र सिंह रावत, सत्येंद्र चौहान, गिरीश भद्री यानी भंडारी, राजेश लखेड़ा, सूर्य प्रकाश थपलियाल यानी सूर्य कुमार शर्मा, राजेश नेगी और अशोक कुमार शहीद हुए थे।
2 अक्तूबर 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर तिराहा पहुंचकर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी थी और सभी शहीदों की मूर्तियां स्थापित करने की घोषणा की थी। इसके बाद संस्कृति निदेशालय को रामपुर तिराहा शहीद स्थल पर चार शहीदों की मूर्तियां स्थापित करने का आदेश जारी हुआ।
इस आदेश के सामने आने के बाद राज्य आंदोलनकारी संगठनों और शहीदों के परिवारों में नाराजगी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब सात आंदोलनकारियों ने राज्य के लिए बलिदान दिया, तो सभी सातों की मूर्तियां लगनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि आदेश में संशोधन कर सभी शहीदों की मूर्तियां नहीं लगाई गईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान ने कहा कि वह खुद रामपुर तिराहा गोलीकांड के गवाह हैं और उनके सामने निहत्थे आंदोलनकारियों पर गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने कहा कि आदेश में अगर कोई विसंगति है तो उसका परीक्षण कर मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप सभी शहीदों की मूर्तियां लगाई जानी चाहिए। उन्होंने यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने की बात कही।
वहीं, संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत ने कहा कि रामपुर तिराहा गोलीकांड में सात राज्य आंदोलनकारी शहीद हुए थे और सभी सातों की मूर्तियां लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि शासनादेश में गलती से सात की जगह चार हो गया होगा और इसे दिखवाया जाएगा कि ऐसा कैसे हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि मूर्तियां स्थापित करने की प्रक्रिया में समय लगता है।
