किसान मेले में कैसुरीना बना आकर्षण, कम पानी में ज्यादा मुनाफे का दावा
रुद्रपुर में आयोजित किसान मेले की उद्यान प्रदर्शनी में किसानों को नई तकनीकों व विकल्पों से जोड़ने की पहल की जा रही है। इस दौरान नैनी पेपर लिमिटेड ने अपने स्टॉल पर कैसुरीना (Casuarina) के पौधों की जानकारी देकर किसानों का ध्यान भी आकर्षित किया।
कंपनी के अनुसार कैसुरीना, यूकेलिप्टस के मुकाबले कम पानी में ही तैयार हो जाता है और 4–5 साल में ही कटाई के लिए तैयार भी हो जाता है, जबकि यूकेलिप्टस को 5–6 साल भी लगते हैं। एक एकड़ में करीब 1800–2000 पौधे लगाए जा सकते हैं, जिससे अच्छी मात्रा में लकड़ी उत्पादन भी संभव है।
रीजनल मैनेजर विकास सिंह ने बताया कि इसकी पल्प क्वालिटी भी बेहतर होती है, जिससे कागज बनाने की लागत कम भी आती है। तराई क्षेत्र में इसकी सीएच-05 वैरायटी लगाई जा रही है, जिसे सालभर कभी भी रोपा भी जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते जल संकट के बीच कैसुरीना जैसे कम पानी में तैयार होने वाले पेड़ किसानों के लिए लाभदायक विकल्प बन सकते हैं और भविष्य में आय बढ़ाने में मददगार भी साबित होंगे।