Tiger poaching case in Haridwar exposed, one accused arrested, another absconding
हरिद्वार वन प्रभाग की टीम ने बाघ के शिकार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वन गुज्जर को भी गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। फरार आरोपी की तलाश में वन विभाग की टीम लगातार दबिश भी दे रही है। मामला श्यामपुर रेंज का ही है।
वन विभाग के अनुसार श्यामपुर रेंज अंतर्गत सजनपुर बीट क्षेत्र में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान करीब 2 वर्ष आयु के एक नर बाघ का शव भी बरामद किया गया। बाघ के चारों पैर कटे हुए थे, जबकि उसकी खाल व दांत सुरक्षित पाए गए।
वन गुज्जरों की संदिग्ध गतिविधियों व मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन विभाग ने अभियान भी चलाया था। घटनास्थल से एक मृत भैंस का शव भी बरामद हुआ है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि बाघ को विषाक्त पदार्थ देकर मारा गया व बाद में उसके पैर काटे गए।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी रात के समय बाघ की खाल उतारने व दांत निकालने की तैयारी में थे, लेकिन विभाग की त्वरित कार्रवाई से उनकी योजना भी विफल हो गई।
मामले में आरोपी आलम उर्फ फम्मी पुत्र शमशेर निवासी गुज्जर डेरा, श्यामपुर को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। वहीं आमिर हमजा उर्फ मियां पुत्र मायी निवासी गुज्जर डेरा, श्यामपुर फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी भी की जा रही है।
बाघ के शव को कब्जे में लेकर एनटीसीए प्रोटोकॉल के तहत पोस्टमार्टम के लिए भेज भी दिया गया है। कार्रवाई स्वप्निल अनिरुद्ध, पूनम कैंथोला, विनय राठी व वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी अमित ध्यानी की टीम द्वारा भी की गई।
