पशुपालन और मत्स्य पालन बनेंगे उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के ‘गेम चेंजर’: मंत्री भरत चौधरी

नैनीताल में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग तथा खादी ग्रामोद्योग मंत्री भरत चौधरी ने कहा कि पशुपालन व मत्स्य पालन उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाले ‘गेम चेंजर’ भी साबित हो सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को दुग्ध उत्पादन, विपणन व मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मनरेगा, पीएमजीएसवाई, ग्राम्य विकास, उद्योग, खादी ग्रामोद्योग, पशुपालन व मत्स्य पालन विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। मंत्री ने पशु नस्ल सुधार, ग्रामीण रोजगार सृजन व स्थानीय उत्पादों के विपणन पर विशेष जोर भी दिया।

खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए स्थानीय कारीगरों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण व बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। वहीं, लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के विस्तार और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने पर बल भी दिया गया।

मनरेगा की समीक्षा के दौरान मंत्री ने 1 जुलाई से पहले सभी लंबित भुगतान निपटाने व मानसून के दौरान जल संरक्षण कार्यों को बढ़ावा देने के लिए ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान चलाने की बात भी कही। साथ ही सभी विकास कार्य स्थलों पर योजना संबंधी बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक पात्र व्यक्ति को आवास उपलब्ध कराने, पलायन रोकने के लिए घेरबाड़ योजना लागू करने व स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर भी दिया गया। मंत्री ने ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत शेष 17 हजार महिलाओं को भी लखपति बनाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश भी दिए।

पीएमजीएसवाई की समीक्षा के दौरान बताया गया कि स्वीकृत सड़कों के निर्माण कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है और शेष प्रस्ताव भी शासन को भेजे भी जा रहे हैं।