Rahul Gandhi will present a new roadmap for the Punjab Congress at the Sangrur rally, with a focus on preparations for the 2027 elections.
राहुल गांधी 4 नवंबर को पंजाब के संगरूर में होने वाली रैली में पार्टी नेताओं के सामने नया रोडमैप रखेंगे। इस रैली के जरिए उनका संदेश पंजाब कांग्रेस को एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने और आगामी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का होगा। पार्टी की कोशिश संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं में चुनावी उत्साह भरने की है।
इससे पहले 28 फरवरी को बरनाला में हुई रैली के दौरान राहुल गांधी ने मंच से ही पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को गुटबाजी छोड़कर एकजुट होने की नसीहत दी थी। उस समय पार्टी के भीतर आपसी खींचतान और नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई बड़ी चुनौती बनी हुई थी। हालांकि, अब प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी दोनों बदल चुके हैं। ऐसे में संगरूर रैली में राहुल का संदेश केवल एकजुटता तक सीमित रहने के बजाय चुनावी जीत के लिए साझा रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर केंद्रित रह सकता है।
पिछले चार महीनों में पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक स्तर पर कई बदलाव हुए हैं। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष और भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। इसके बाद पार्टी हाईकमान ने वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल स्थापित करने के लिए बैठकों का सिलसिला तेज किया।
26 अक्टूबर को चंडीगढ़ में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और जिला अध्यक्षों के साथ बैठक की थी। इसमें संगठनात्मक अनुशासन और एकजुटता पर जोर दिया गया। इसके बाद 31 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक की। इसमें सचिन पायलट, परगट सिंह, प्रताप सिंह बाजवा, राजा वड़िंग, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजय इंदर सिंगला सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति, संगठनात्मक तालमेल और चुनावी तैयारियों पर चर्चा हुई। राहुल गांधी ने कुछ वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग बातचीत भी की। पार्टी की रणनीति सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बताई जा रही है।
संगरूर में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
रैली को सफल बनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह और वरिष्ठ नेता विजय इंदर सिंगला सहित पार्टी के कई नेता आयोजन स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। 2 नवंबर को भी कांग्रेस नेताओं ने रैली स्थल का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। पार्टी ने रैली में एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। इसके जरिए मालवा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने और कार्यकर्ताओं में चुनावी जोश भरने की कोशिश की जाएगी।
राहुल गांधी की रैली को देखते हुए पंजाब प्रभारी सचिन पायलट भी प्रदेश के दौरे पर हैं। संगरूर मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है। ऐसे में कांग्रेस ने इस क्षेत्र को रैली के लिए चुनकर राजनीतिक संदेश देने की रणनीति बनाई है। राहुल गांधी अपने संबोधन में नशे, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेर सकते हैं। इसके साथ ही पंजाब के युवाओं और आम लोगों से जुड़े सवाल भी उनके भाषण में प्रमुखता से उठाए जा सकते हैं।
