Five elephant tusks go missing from a store in the Laldhang range; the Forest Department is in a state of alarm.
उत्तराखंड में वन्यजीवों की सुरक्षा का दावा करने वाले वन विभाग के अपने ही कार्यालय में हाथी के दांत सुरक्षित नहीं रह पाए। लैंसडौन वन प्रभाग की लालढांग रेंज के स्टोर से हाथी के पांच दांत गायब होने का मामला सामने आया है। करीब 35 किलो वजन के इन दांतों के गायब होने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में शासन ने वन मुख्यालय से रिपोर्ट तलब की है।
दरअसल, वन विभाग के रेंज कार्यालयों से वन सुरक्षा, पौधरोपण और वन अपराधों से जुड़ी कार्रवाई संचालित होती है। ऐसे संवेदनशील कार्यालय के स्टोर से हाथी के पांच दांत गायब होना विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
मामले का खुलासा सी-17 पंजिका के रिकॉर्ड और स्टोर में रखे सामान का मिलान करने के दौरान हुआ। पंजिका में 15 हाथी दांत दर्ज थे, जबकि मौके पर केवल 10 ही मिले। यानी पांच दांत गायब थे। अधिकारियों को दांतों की संख्या और वजन की जानकारी होने के बावजूद मामला लंबे समय तक दबाए रखने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई है।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में भी कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की गोजूड़ा चौकी से हाथी दांत के दो टुकड़े और उन्हें काटने का औजार बरामद हुआ था। उस मामले में एक बीट वॉचर समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। अब लालढांग रेंज से हाथी दांत गायब होने के मामले ने एक बार फिर वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वहीं, प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु के मुताबिक, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में जिस भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वन्यजीवों से जुड़े रिकॉर्ड और उनकी सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
