Flaws in the healthcare system exposed before the minister at Doon Hospital; patients waiting an hour and a half for a plaster cast created a ruckus.
दून अस्पताल में सोमवार को उस समय स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत सामने भी आ गई, जब स्वास्थ्य मंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले पहुंचे समाज कल्याण मंत्री खजान दास के सामने मरीजों ने इलाज में हो रही देरी को लेकर नाराजगी भी जताई। प्लास्टर कक्ष के बाहर लंबे समय से इंतजार कर रहे मरीजों ने मंत्री को रोककर अपनी समस्याएं बताईं व अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप भी लगाए।
दरअसल, दून अस्पताल में नई स्वास्थ्य सुविधाओं के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मंत्री खजान दास अस्पताल में पहुंचे थे। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के देर से पहुंचने के कारण अधिकारियों ने मंत्री खजान दास को अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कराना शुरू भी किया। इसी दौरान उन्हें इमरजेंसी के प्लास्टर कक्ष में ले जाया गया, जहां अधिकारी व्यवस्थाओं की तारीफ करते हुए 24 घंटे प्लास्टर सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी भी दे रहे थे।
लेकिन जब मंत्री कक्ष के भीतर पहुंचे तो वहां कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद ही नहीं मिला। वहीं बाहर व्हीलचेयर व बेंचों पर कई मरीज इलाज का इंतजार कर रहे थे। मरीजों ने मंत्री को बताया कि वे करीब डेढ़ घंटे से प्लास्टर करवाने के लिए बैठे हैं, लेकिन कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध ही नहीं है।
मरीज अनिकेत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मरीजों के इलाज को प्राथमिकता भी मिलनी चाहिए, न कि केवल मशीनों के उद्घाटन को। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में मौजूद लोगों ने उन्हें बताया कि सभी कर्मचारी मंत्रियों के दौरे की तैयारियों में ही व्यस्त हैं, जिसके कारण मरीजों को परेशानी झेलनी भी पड़ रही है।
वहीं तीमारदार अज्जू, रेनू व रबीना ने भी लंबे समय तक इंतजार कराने का आरोप लगाया। इस दौरान करुणलता नाम की एक बुजुर्ग महिला को उपचार के अभाव में परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री खजान दास ने तत्काल दून अस्पताल की प्राचार्य डॉ. गीता जैन को निर्देश दिए व मरीजों का तुरंत उपचार सुनिश्चित करने को कहा। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मी को मौके पर भेजकर सभी मरीजों का इलाज शुरू भी कराया गया।
उधर, अस्पताल में सिस्मेक्स मशीन, ऑबेसिटी क्लीनिक, डायनमिक डिजिटल रेडियोग्राफी व बेरियाट्रिक सर्जरी विभाग के लोकार्पण का कार्यक्रम दोपहर 2 बजे निर्धारित भी था। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल समय पर नहीं पहुंच सके। काफी इंतजार के बाद मंत्री खजान दास कार्यक्रम स्थल से लौट भी गए, जबकि स्वास्थ्य मंत्री शाम करीब 6 बजे अस्पताल में पहुंचे।
