विद्युत लोकपाल ने उपभोक्ताओं को दी राहत, लोड बढ़ाने का आदेश; 11 लाख का बिजली बिल घटकर 2.37 लाख हुआ
उत्तराखंड में अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे बिजली उपभोक्ताओं को विद्युत लोकपाल डीपी गैरोला से बड़ी राहत भी मिली है। लोकपाल ने 3 मामलों की सुनवाई करते हुए 2 मामलों में उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण फैसले भी सुनाए।
नैनीताल के मल्ला रामगढ़ निवासी स्वाति सिन्हा के घरेलू बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाने के आवेदन को यूपीसीएल ने बिल्डर द्वारा ट्रांसफार्मर शुल्क जमा न करने के आधार पर रोक भी दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए विद्युत लोकपाल ने कहा कि बिल्डर व विभाग के बीच के विवाद का खामियाजा किसी उपभोक्ता को भी नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने शिकायत निवारण मंच के आदेश को निरस्त करते हुए यूपीसीएल को तत्काल लोड बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
वहीं देहरादून के कौलागढ़ रोड निवासी सुशीला सिंह को तकनीकी गड़बड़ी के कारण 11.47 लाख रुपये का बिजली बिल भी भेज दिया गया था। लोकपाल के समक्ष मामला पहुंचने के बाद यूपीसीएल ने अपनी त्रुटि स्वीकार करते हुए बिल को संशोधित कर 2.37 लाख रुपये कर दिया व सभी लेट पेमेंट सरचार्ज भी हटा दिए। इसके बाद लोकपाल ने मामले का निस्तारण भी कर दिया।
हालांकि नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र के एक मामले में लोकपाल ने बिजली विभाग के फैसले को सही भी ठहराया। नए कनेक्शन की मांग करने वाली सोसाइटी को पुराने परिसर पर बकाया बिजली बिल जमा होने तक नया कनेक्शन देने से इनकार भी कर दिया गया। लोकपाल ने कहा कि नियामक आयोग के नियमों के अनुसार पुराने बकाये के रहते उसी परिसर में नया कनेक्शन ही नहीं दिया जा सकता।
लोकपाल के इन फैसलों को उपभोक्ता अधिकारों व बिजली व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भी माना जा रहा है।