रामनगर वन प्रभाग को नगर पालिका का नोटिस, 34 साल का 9.76 लाख रुपये भवन कर जमा करने के निर्देश
रामनगर में नगर पालिका व वन विभाग के बीच भवन कर को लेकर नया प्रशासनिक विवाद भी सामने आया है। नगर पालिका रामनगर ने रामनगर वन प्रभाग को नोटिस जारी कर वर्ष 1991-92 से 2025-26 तक का कुल 9 लाख 76 हजार 138 रुपये भवन कर जमा करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर भू-राजस्व की भांति वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर पालिका के अनुसार इससे पहले अप्रैल 2024 में भी वन प्रभाग को 7.75 लाख रुपये से अधिक भवन कर जमा करने के लिए पत्र भी भेजा गया था, लेकिन अब तक भुगतान ही नहीं किया गया। नए नोटिस में वर्ष 1991-92 से 2024-25 तक का भवन कर, उस पर वृद्धि व वर्ष 2025-26 का कर जोड़कर कुल बकाया राशि 9.76 लाख रुपये निर्धारित भी की गई है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल ने बताया कि शासन स्तर से मिले निर्देशों के अनुसार पालिका क्षेत्र में स्थित वन विभाग के आवासीय भवनों पर भवन कर लागू भी होता है। इसी आधार पर भवनों का आकलन कर डिमांड नोटिस भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि कर की वसूली से प्राप्त राशि का उपयोग शहर के विकास कार्यों में ही किया जाएगा।
वहीं, रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ ध्रुव मार्टोलिया ने कहा कि
विभाग शासन के नियमों और निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई भी करेगा। उन्होंने बताया कि मामले का परीक्षण कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर निर्णय भी लिया जाएगा।
नगर पालिका के नोटिस के बाद यह मामला स्थानीय प्रशासनिक व वन विभाग के हलकों में चर्चा का विषय भी बन गया है। अब सभी की निगाहें वन विभाग की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर ही टिकी हैं।