चार माह से क्षतिग्रस्त रास्ता बना ग्रामीणों के लिए मुसीबत, बल्लियों के सहारे आवागमन
विकासखंड की सेरागाड़ ग्राम पंचायत के गुनाड़ गांव को जोड़ने वाला रास्ता बीते जुलाई महीने से क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है। गांव तक पहुंचने के लिए मजबूर ग्रामीणों ने अस्थायी रूप से बल्लियां लगाकर आवागमन भी शुरू किया है, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग वन क्षेत्र में आता है, इसलिए इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी वन विभाग की ही है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य नंदकिशोर थपलियाल व ग्राम प्रधान नीरज रतूड़ी ने बताया कि पिछले 4 माह से ग्रामीण इन्हीं बल्लियों के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। खड़ी चट्टान व संकरे रास्ते के कारण यहां कभी भी बड़ा हादसा हो भी सकता है। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारियों को शिकायत पत्र देकर रास्ते की मरम्मत की मांग भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई ही नहीं हुई है।
वहीं पश्चिमी पिंडर रेंज के रेंजर अखिलेश भट्ट ने बताया कि गुनाड़ गांव के क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत के लिए इस्टीमेट तैयार कर डिवीजन कार्यालय को भी भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू भी कर दिया जाएगा।