कॉर्बेट प्रशासन की चेतावनी बेअसर, ग्रामीण जान जोखिम में डालकर लगातार जंगल में घुस रहे
रामनगर: सर्दियों के आते ही कॉर्बेट टाइगर रिजर्व व आसपास के क्षेत्रों में मानव–वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ गई है। ठंड के मौसम में बाघ व तेंदुए अधिक सक्रिय और आक्रामक हो जाते हैं। इसी कारण कॉर्बेट प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे लकड़ी, चारा या अन्य जरूरतों के लिए जंगलों में अकेले न जाएं और यथासंभव जंगल में गतिविधियां भी कम करें।
जंगलों में इस समय वन्यजीवों का मेटिंग पीरियड भी होता है, जिसके चलते बाघ–तेंदुए मानव बस्तियों के करीब तक भी पहुंच सकते हैं। प्रशासन गांवों में जागरूकता अभियान भी चला रहा है और लोगों से अनावश्यक जोखिम न लेने की सलाह भी दे रहा है।
हालांकि कई ग्रामीण मजबूरी में लकड़ी जुटाने के लिए जंगल जा रहे हैं, जिससे खतरा भी बढ़ रहा है। कॉर्बेट प्रबंधन के अनुसार, ग्रामीणों की जरूरतों को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर काम भी किया जा रहा है, और पुलिस व वन विभाग की टीमें हाई अलर्ट पर भी हैं।
प्रशासन ने पुनः आग्रह किया है कि लोग सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन भी करें। सर्दियों में वन्यजीवों की गतिविधि बढ़ने से किसी भी लापरवाही का परिणाम गंभीर भी हो सकता है।