देहरादून में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर सख्ती, जुलूस-रैली पर लगी रोक
देहरादून: शहर में पिछले कई दिनों से धरना-प्रदर्शन, रैलियों व जुलूसों के कारण लगातार जाम की स्थिति बन रही है। वहीं अब शीतकालीन यात्रा, पर्यटन सीजन, क्रिसमस-नव वर्ष व स्कूलों की छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों के देहरादून पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन सतर्क भी हो गया है।
बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर रोक: प्रशासन ने साफ कर दिया है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में धरना, रैली, जुलूस या फिर शोभायात्रा आयोजित करने पर सख्त कार्रवाई भी होगी। बिना अनुमति ऐसे किसी भी आयोजन पर संबंधित आयोजकों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। हर वर्ष दिसंबर–जनवरी में देहरादून और आसपास के पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ भी पहुंचती है, इसलिए व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती भी है।
शहर में बढ़ रही जाम की समस्या: शादी के सीजन और लगातार हो रहे प्रदर्शनों की वजह से घंटाघर, गांधी पार्क, परेड ग्राउंड, कनक चौक, एस्ले हाल चौक, दर्शन लाल चौक, तहसील चौक व बुद्धा चौक जैसे प्रमुख इलाकों में जाम की स्थिति गंभीर भी हो गई है। इन क्षेत्रों में नारेबाजी, रैली, लाउडस्पीकर का प्रयोग व बिना अनुमति किसी भी तरह के आयोजन पर प्रतिबंध भी लागू रहेगा।
आदेश उल्लंघन पर जेल: बीएनएस की धारा 223 के तहत सरकारी आदेश की अवहेलना करने वालों को 6 माह से लेकर 1 साल तक की जेल व जुर्माना हो सकता है, खासकर जब इससे आम जनता की सुरक्षा व सुविधा पर प्रभाव पड़ता हो।
एसएसपी अजय सिंह का बयान:
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने कहा कि पहले से प्रतिबंधित स्थानों पर किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन या रैली को अनुमति ही नहीं दी जाएगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बीएनएस धारा 223 में सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
— अजय सिंह, एसएसपी देहरादून