Panchayat elections during rainy season pose a challenge for the administration, voting will be held in two phases in Nainital district
नैनीताल: उत्तराखंड में ग्राम पंचायत चुनाव की तिथि जारी होते ही जिला प्रशासन ने तैयारियों में तेजी भी ला दी है, लेकिन बरसात का मौसम प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। नैनीताल जिले की 475 ग्राम पंचायतों में प्रधान, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए चुनाव 2 चरणों में होंगे। सबसे कठिन परिस्थिति ओखलकांडा व बेतालघाट जैसे दुर्गम विकासखंडों में मतदान को लेकर सामने भी आ सकती है।
पैदल ही पहुंचना होगा पोलिंग पार्टियों को
ओखलकांडा व बेतालघाट की 75-75 ग्राम पंचायतों में कई गांव ऐसे हैं जो सड़क से 2 से 4 किमी दूर पर हैं। ऐसे में पोलिंग पार्टियों को भारी बारिश के बीच पैदल चलकर मतदान सामग्री ले जानी भी पड़ेगी। मलबा गिरने व सड़कों के अवरुद्ध होने का भी खतरा बना रहेगा।
24 जुलाई को ओखलकांडा, बेतालघाट, रामगढ़ व धारी ब्लॉक में मतदान भी होगा। धारी ब्लॉक के कुछ इलाकों में भी पोलिंग पार्टियों को पैदल भी जाना पड़ेगा।
बरसात में भी प्रशासन की पुख्ता तैयारी
एडीएम विवेक राय के अनुसार, दूरस्थ इलाकों में तैनात पोलिंग पार्टियों को वॉटर प्रूफ टेंट, बरसात से सुरक्षा की सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा मतदान में रुचि नहीं लेने वाले ग्रामीणों को मतदान के लिए प्रेरित भी किया जाएगा।
पिछली बार से ज्यादा मतदान कराना भी लक्ष्य
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से इस बार जुलाई महीने में चुनाव कराए जा रहे हैं। 2019 में नैनीताल जिले में 75.06% मतदान हुआ था, जो इस बार बारिश के कारण प्रभावित भी हो सकता है। पिछली बार विभिन्न ब्लॉकों में मतदान प्रतिशत इस प्रकार रहा:
| ब्लॉक | मतदान प्रतिशत (2019) |
|---|---|
| भीमताल | 80.38% |
| कोटाबाग | 77.75% |
| रामनगर | 76.37% |
| हल्द्वानी | 76.25% |
| ओखलकांडा | 73.24% |
| धारी | 74.56% |
| रामगढ़ | 71.55% |
| बेतालघाट | 65.52% |
निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण
विकास भवन, भीमताल में पंचायत चुनाव से जुड़े निर्वाचन अधिकारियों व सहायक अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया। सीडीओ अनामिका ने कहा कि
आचार संहिता का कड़ाई से पालन हो और किसी भी संदेहजनक गतिविधि पर कंट्रोल रूम से तत्काल ही संपर्क किया जाए।
डीडीओ गोपाल गोस्वामी और जिला शिक्षा अधिकारी हर्ष बहादुर चंद ने बताया कि इस बार मतपत्रों की रंग योजना इस प्रकार होगी:
- सफेद: सदस्य ग्राम पंचायत
- हरा: ग्राम प्रधान
- नीला: क्षेत्र पंचायत सदस्य
- गुलाबी: जिला पंचायत सदस्य
पात्रता के नियम भी स्पष्ट
- 25 जुलाई 2019 के बाद दो से अधिक बच्चे वाले उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
- राज्य या केंद्र पोषित योजनाओं से मानदेय पाने वाले भी अर्ह नहीं माने जाएंगे।
- जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट का प्रशिक्षण 2 जुलाई को हल्द्वानी में होगा।
बरसात व दुर्गम क्षेत्रों के बावजूद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और प्रयास कर रहा है कि पंचायत चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण व सुचारु रूप से संपन्न भी कराए जाएं। हालांकि मौसम व भूगोल की चुनौती के बीच यह प्रशासनिक मशीनरी की कड़ी परीक्षा भी होगी।
