The much talked about Ankita Bhandari murder case Kotdwar's ADJ court will pronounce the verdict today, security arrangements are tight
कोटद्वार: उत्तराखंड समेत पूरे देश की निगाहें आज शुक्रवार को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) पर ही टिकी हैं, जहां बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में फैसला भी सुनाया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल केस को लेकर पुलिस-प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम भी किए हैं।
कोटद्वार शहर को सुरक्षा के लिहाज से छावनी में तब्दील भी कर दिया गया है। अदालत परिसर के बाहर की सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है, और गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल भी मंगवाया गया है।
सुनवाई का अंत और फैसले की घड़ी
19 मई को विशेष लोक अभियोजक अवनीश नेगी ने बचाव पक्ष की बहस का जवाब देकर अदालत में अंतिम सुनवाई भी पूर्ण की थी। इसके बाद न्यायालय ने 30 मई को फैसला सुनाने की तिथि निर्धारित की। बता दें कि इस मामले की पहली सुनवाई 30 जनवरी 2023 को कोटद्वार स्थित एडीजे कोर्ट में ही हुई थी।
एसआईटी की जांच के बाद अभियोजन पक्ष ने अदालत में 500 पन्नों का आरोपपत्र भी दाखिल किया था। मामले में मुख्य आरोपी वनंत्रा रिजॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता हैं। तीनों पर आरोप तय होने के बाद 28 मार्च 2023 से अभियोजन पक्ष की गवाही भी शुरू हुई।
करीब 2 वर्ष और 8 माह तक चली इस सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से 47 गवाहों को परीक्षित भी कराया गया, जिनमें विवेचक भी शामिल हैं। हालांकि एसआईटी ने कुल 97 गवाह बनाए थे।
राज्यभर से लोगों के जुटने की संभावना, सुरक्षा अलर्ट पर
कोटद्वार, पौड़ी, ऋषिकेश व देहरादून समेत राज्य के कई शहरों में इस मामले को लेकर जनता में तीव्र आक्रोश भी रहा है। हत्यारोपियों को सख्त सजा दिलाने की मांग को लेकर कई आंदोलन भी हो चुके हैं। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि फैसले के दिन बड़ी संख्या में लोग कोटद्वार भी पहुंच सकते हैं।
खुफिया इनपुट के आधार पर वरिष्ठ अधिकारी लगातार सुरक्षा इंतजामों पर नजर भी बनाए हुए हैं। कोतवाल रमेश तनवार ने बताया कि पौड़ी जिले के अलावा देहरादून, हरिद्वार, टिहरी व उत्तरकाशी से भी पुलिस बल और डेढ़ कंपनी पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं।
अदालत परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति की नो एंट्री
अदालत परिसर में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की एंट्री प्रतिबंधित ही रहेगी। पुलिस व प्रशासन की ओर से कई दौर की बैठकों और मॉक ड्रिल्स के जरिए सुरक्षा योजना को अंतिम रूप भी दिया गया है। सूत्रों के अनुसार आज शुक्रवार सुबह से ही अदालत परिसर व आसपास का क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षा घेरे में रहेगा। वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी स्वयं मोर्चा भी संभालेंगे।
