Kedarnath Yatra Government strict on the health of animals, Minister Saurabh Bahuguna reviewed the arrangements in Sonprayag
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग पहुंचे उत्तराखंड के पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने यात्रा मार्ग पर पशु प्रबंधन और यात्रियों की सुविधाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने इक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस की रोकथाम और घोड़ा-खच्चरों के स्वास्थ्य को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक भी की।
मंत्री बहुगुणा ने बताया कि गौरीकुंड में स्वस्थ घोषित किए गए घोड़ा-खच्चरों का परीक्षण पूर्ण होने के बाद 9 मई (शुक्रवार) से ट्रायल के तौर पर इनका संचालन भी शुरू किया जाएगा। शुरुआती चरण में इन पशुओं का उपयोग राशन सामग्री को केदारनाथ तक पहुंचाने में ही किया जाएगा।
ट्रायल सफल रहा तो और भी क्षेत्रों से जोड़े जाएंगे खच्चर
यदि ट्रायल के दौरान सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई जाती हैं, तो सीतापुर, रामपुर व त्रियुगीनारायण जैसे अन्य पड़ावों से भी घोड़ा-खच्चरों को यात्रा में शामिल भी किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य की सीमाओं से आने वाले किसी भी पशु को स्वास्थ्य परीक्षण के बिना यात्रा में शामिल ही न किया जाए।
स्वास्थ्य केंद्र और निगरानी दल तैनात होंगे
उन्होंने आदेश दिया कि गौरीकुंड से केदारनाथ तक चार पशु चिकित्सालय स्थापित किए जाएं, जिनमें प्रत्येक पर 15 सदस्यीय दल तैनात भी किया जाएगा। इस दल में डॉक्टरों के अलावा पुलिसकर्मी व अन्य सहयोगी कर्मचारी शामिल होंगे, जो नियमित रूप से यात्रा मार्ग पर तैनात रहेंगे और घोड़ा-खच्चरों की जांच भी करेंगे।
कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि बीमार पशुओं के लिए क्वारंटीन सेंटर में मुफ्त इलाज की व्यवस्था भी की जाएगी। यदि कोई पशुपालक अपने पशु को घर ले जाना चाहता है, तो सरकार 50% सब्सिडी के साथ इलाज व चारा उपलब्ध भी कराएगी।
विशेषज्ञों की सलाह और प्रशासन की भागीदारी
इस मौके पर पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के वेटरनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. जेएल सिंह ने सलाह दी कि पशुओं को यात्रा पर भेजने से पहले उन्हें 15 दिन के क्वारंटीन, समय पर दवाएं, गर्म पानी व आराम दिया जाना अनिवार्य ही किया जाए।
इस निरीक्षण के दौरान डीएम डॉ. सौरभ गहरवार, सीडीओ डॉ. जीएस खाती, एडीएम श्याम सिंह राणा व व्यापार संघ अध्यक्ष अंकित गैरोला भी मौजूद रहे।
