Challenge of 9 sensitive places on Badrinath Yatra route, administration is busy in improving the arrangements
चमोली/बदरीनाथ: चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले बदरीनाथ धाम मार्ग पर 9 ऐसे संवेदनशील स्थल हैं, जो न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए चुनौतीपूर्ण हैं, बल्कि सरकारी व्यवस्थाओं की असली परीक्षा भी लेने वाले हैं। चमोली जिला प्रशासन और विभिन्न कार्यदायी संस्थाएं इन जगहों पर युद्ध स्तर पर काम में जुटी हैं, ताकि यात्रा निर्विघ्न और सुरक्षित हो सके।
मुख्य सचिव ने ली प्रगति समीक्षा बैठक
हाल ही में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में चमोली प्रशासन से इन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट तलब की गई। प्रशासन का दावा है कि यात्रा शुरू होने से पहले अधिकांश कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
संवेदनशील स्थलों पर तैयारियों का ब्योरा:
🔷 पागल नाला:
बरसात में अचानक पानी बढ़ने से सड़क बह जाती है। प्रशासन पानी को डायवर्ट करने की योजना पर काम कर रहा है, ताकि बहाव से नुकसान न हो।
🔷 चटवापीपल:
यहां कीचड़ और मलबे के कारण अक्सर भारी वाहन फंस जाते हैं। स्लोप प्रोटेक्शन कार्य पूरा हो गया है, अब डामरीकरण का कार्य शेष है।
🔷 नंदप्रयाग:
यहां यूपी पावर कारपोरेशन का हाईटेंशन टॉवर भूस्खलन की जद में है। इसे दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।
🔷 कमेड़ा:
यह संवेदनशील स्थान स्लोप प्रोटेक्शन के बाद डामरीकरण की प्रतीक्षा में है।
🔷 जोगीधारा:
यहां एक बड़ा पत्थर मार्ग अवरुद्ध कर रहा है। उसे केमिकल के माध्यम से तोड़कर हटाने का कार्य प्रगति पर है।
🔷 हाथी पहाड़:
यहां नदी द्वारा सड़क को काटा जा रहा है। बीआरओ ने कटाव रोकने के लिए सुरक्षात्मक कार्य शुरू कर दिया है।
🔷 लामबगड़:
यहां वैकल्पिक पुल निर्माण के साथ-साथ सुरक्षात्मक कार्य भी किया जा रहा है।
🔷 हनुमान चट्टी:
इलाके में हिमखंडों की मौजूदगी है। बीआरओ द्वारा चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
🔷 भनेरपाणी:
यहां नदी के कटाव से सड़क क्षतिग्रस्त हुई थी। रोड कटिंग का काम पूरा हो गया है, अब सतह सुधार का कार्य होना बाकी है।
यात्रा से पहले कार्य पूर्ण होने की उम्मीद:
चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने कहा:
“यात्रा मार्ग के संवेदनशील स्थलों पर एनएचआईडीसीएल और बीआरओ के माध्यम से कार्य प्रगति पर है। उम्मीद है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य पूरे हो जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।”
चारधाम यात्रा की तैयारियों में प्रशासन पूरी ताकत से जुटा है, लेकिन जिन 9 स्थानों पर रास्ता अब भी जोखिमभरा बना हुआ है, वहां की स्थिति यह तय करेगी कि यात्रा सरकार की व्यवस्थाओं पर भरोसे की परीक्षा पास कर पाएगी या नहीं।
