सुद्धोवाला जेल में 12 कैदी एचआईवी पॉजिटिव, जेल प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

देहरादून: देहरादून स्थित सुद्धोवाला जेल में 12 कैदियों के एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने के बाद जेल प्रशासन सतर्क भी हो गया है। इन कैदियों की अलग-अलग समय पर कराई गई जांच में संक्रमण की पुष्टि भी हुई है। जानकारी के अनुसार संक्रमित कैदियों में अधिकांश नए बंदी शामिल भी हैं। अन्य कैदियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निगरानी व स्वास्थ्य प्रबंधन को और भी सख्त किया गया है।

जेल प्रशासन के मुताबिक सुद्धोवाला जेल में वर्तमान में करीब 900 कैदी भी बंद हैं, जिन्हें 32 बैरकों में रखा गया है। इस हिसाब से एक बैरक में लगभग 25 से 30 कैदी भी रह रहे हैं। जिन कैदियों में एचआईवी संक्रमण पाया गया है, उनका उपचार एआरटी सेंटर में ही चल रहा है। जेल चिकित्सक के अनुसार इन कैदियों को जेल मैनुअल के नियमों के तहत अन्य कैदियों के साथ ही रखा गया है, लेकिन उन पर विशेष निगरानी भी रखी जा रही है।

संक्रमण की रोकथाम के लिए एचआईवी पॉजिटिव कैदियों के बाल व नाखून काटने की किट अलग कर दी गई है। साथ ही उनके खान-पान और अन्य गतिविधियों पर भी विशेष ही ध्यान दिया जा रहा है। डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से उनकी स्वास्थ्य जांच भी कर रही है।

बैरकों की संख्या बढ़ाने की तैयारी

जेल में कैदियों की संख्या अधिक होने के कारण बैरकों पर दबाव भी बढ़ गया है। ऐसे में प्रशासन ने बैरकों की संख्या दोगुनी करने का फैसला भी लिया है। निर्माण कार्य तेजी से जारी है और अधिकारियों का कहना है कि करीब 2 महीने के भीतर नई बैरक तैयार होने की उम्मीद है।

एचआईवी संक्रमित कैदियों के लिए विशेष डाइट

जेल डॉक्टर के अनुसार संक्रमित कैदियों को विशेष पोषणयुक्त आहार भी दिया जा रहा है। उनके भोजन में अंडा, दूध, दही, फल व हरी सब्जियां शामिल की गई हैं। यह डाइट चिकित्सकीय सलाह के आधार पर ही दी जा रही है। साथ ही उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम व शारीरिक गतिविधियां भी कराई जा रही हैं।

जेल प्रशासन का कहना है कि संक्रमित कैदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच व इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि संक्रमण को नियंत्रित रखा जा सके और अन्य कैदियों की सुरक्षा बनी रहे।

डीआईजी जेल दधिराम मौर्या ने बताया कि

एचआईवी संक्रमित कैदियों की चिकित्सकीय देखभाल व निगरानी पूरी सतर्कता के साथ की जा रही है और संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।