Wild mushroom became poison Condition of seven Nepali workers deteriorated in Pauri, timely treatment saved their lives
कोटद्वार/रिखणीखाल: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जंगली मशरूम खाने से एक महिला समेत 7 नेपाली श्रमिकों की तबीयत अचानक ही बिगड़ गई, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती भी कराया गया। समय रहते उपचार मिलने से सभी की जान बाल-बाल ही बच गई।
कैसे हुआ हादसा?
नेपाल के सुरखेत जिले से आए श्रमिक इन दिनों गुमखाल क्षेत्र में एक होटल निर्माण कार्य में ही जुटे हुए हैं। काम खत्म करने के बाद लाल बहादुर नामक श्रमिक ने होटल के पीछे उग रहे जंगली मशरूम तोड़कर लाए और उसे सब्जी के रूप में भी पकाया। रात के भोजन में जब यह सब्जी परोसी गई, तो सभी श्रमिकों ने मिल-बांटकर वही खाना भी खाया। लेकिन खाने के करीब 1 घंटे बाद ही उनकी तबीयत अचानक ही बिगड़ने लगी। उल्टी-दस्त, पेट दर्द व बेचैनी के चलते श्रमिकों में हड़कंप भी मच गया।
सीएचसी से बेस अस्पताल तक पहुंचाया गया
साथी श्रमिकों ने तुरंत बीमार साथियों को सीएचसी रिखणीखाल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार भी किया गया। लेकिन जब राहत नहीं मिली, तो सभी को मंगलवार तड़के 4 बजे एंबुलेंस से बेस अस्पताल कोटद्वार में रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों की टीम ने दिन भर इलाज किया और अब सभी की हालत स्थिर व खतरे से बाहर भी बताई जा रही है।
बीमार हुए ये श्रमिक
जंगल से लाए गए असामान्य व जहरीले मशरूम को खाने से जो श्रमिक बीमार हुए, उनके नाम और विवरण निम्नलिखित हैं:
- ललिता (42 वर्ष) – निवासी सिम्हाना, जिला सुरखेत
- सुमन बहादुर (17 वर्ष) – सिम्हाना
- धन बहादुर (53 वर्ष) – लेखफर्सा
- लाल बहादुर (34 वर्ष) – लेखफर्सा
- धनराज (42 वर्ष) – लेखफर्सा
- धरम खत्री (52 वर्ष) – लेखफर्सा
- वीरेंद्र (56 वर्ष) – लेखफर्सा
