Uttarakhand's Devraj Pal and Gambhir Singh Chauhan selected in Indian blind cricket team
उत्तराखंड के दो होनहार नेत्रहीन क्रिकेट खिलाड़ी, देवराज पाल और गंभीर सिंह चौहान, एक बार फिर अपने अद्भुत प्रदर्शन से राज्य व देश का नाम रोशन करने जा रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों का चयन भारतीय ब्लाइंड क्रिकेट टीम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय टी-20 शृंखला के लिए भी हुआ है।
यह 5 मैचों की सीरीज 13 मई से बेंगलुरु में शुरू हो चुकी है और 16 मई तक भी चलेगी। इस सीरीज में दोनों खिलाड़ी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते नजर भी आएंगे। इससे पहले भी देवराज और गंभीर ने नागेश ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में देश का प्रतिनिधित्व भी किया है। गौरतलब है कि यह पहला मौका था जब उत्तराखंड के दो नेत्रहीन खिलाड़ी एक साथ ही भारतीय टीम में चयनित हुए थे।
दोनों खिलाड़ी देहरादून के राजपुर रोड स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) के छात्र भी हैं। कोच नरेश सिंह नयाल के अनुसार, देवराज बी-1 श्रेणी के खिलाड़ी हैं, जिन्हें बिल्कुल भी दृष्टि नहीं है। वह अपनी तेज गेंदबाजी व उत्कृष्ट क्षेत्ररक्षण के लिए जाने जाते हैं। उनकी फुर्ती व फिटनेस उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
वहीं, गंभीर सिंह चौहान बी-2 श्रेणी के खिलाड़ी हैं, जिन्हें आंशिक रूप से दृष्टि है। वह एक ऑलराउंडर के रूप में टीम में चयनित भी हुए हैं। उनकी तेज बल्लेबाजी और सटीक गेंदबाजी ने चयनकर्ताओं का ध्यान भी आकर्षित किया।
देवराज और गंभीर की यह उपलब्धि न सिर्फ उत्तराखंड, बल्कि देश भर के दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा भी है।
नेत्रों से नहीं, लेकिन अपने हौसलों से देखे गए सपनों को इन खिलाड़ियों ने अब हकीकत में बदला है — और साबित किया है कि सच्ची प्रतिभा किसी भी सीमा की मोहताज नहीं होती।
