उत्तराखंड में हाथी, गुलदार और बंदरों की होगी नई गणना, मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने पर फोकस

उत्तराखंड वन विभाग राज्य में हाथी, गुलदार व बंदरों की नई गणना कराने जा रहा है। इसके लिए विभाग भारतीय वन्यजीव संस्थान का सहयोग भी लेगा। वन विभाग व संस्थान के बीच इस संबंध में अब बातचीत भी हो चुकी है।

वन विभाग इस बार हाथियों की संख्या का आकलन डायरेक्ट काउंट पद्धति से भी करेगा। इससे पहले डीएनए आधारित अखिल भारतीय हाथी आकलन-2023 में राज्य में 1792 हाथियों का अनुमान भी लगाया गया था, जबकि वर्ष 2020 में यह संख्या 2026 थी। अधिकारियों के मुताबिक, गर्मियों में पानी के स्रोतों के पास वन्यजीवों की गतिविधि बढ़ने के कारण अगले दो महीनों में सर्वे भी शुरू किया जाएगा।

इसके साथ ही प्रदेश में गुलदारों की संख्या का भी आकलन भी होगा। विभाग का मानना है कि पूर्व रिपोर्ट केवल कैमरा ट्रैप क्षेत्रों तक सीमित थी, इसलिए अब अन्य इलाकों में भी सर्वे भी किया जाएगा।

फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले बंदरों की क्षेत्रवार गणना के लिए एनजीओ, स्वयंसेवकों व वन्यजीव प्रेमियों की मदद ली जाएगी। प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा ने कहा कि इस सर्वे से मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने व संरक्षण योजनाएं बनाने में मदद भी मिलेगी।