उत्तराखंड में शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता होगा साफ, सरकार लाएगी अध्यादेश

देहरादून: उत्तराखंड सरकार स्कूलों में लंबे समय से लंबित शिक्षकों व प्रधानाचार्यों की पदोन्नति प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी में भी है। बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सरकार ने पदोन्नति के लिए अध्यादेश लाने पर सहमति भी जताई है।

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्यों व प्रधानाध्यापकों के बड़ी संख्या में पद खाली भी पड़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक प्रधानाचार्यों के 1385 पदों में से करीब 1250 पद रिक्त हैं, जबकि प्रधानाध्यापकों के 910 में से 870 पद भी खाली हैं। इसके अलावा प्रवक्ताओं के भी 4 हजार से अधिक पदोन्नति पद खाली बताए जा रहे हैं। प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूलों में भी कई पद वर्षों से रिक्त हैं।

इन रिक्तियों का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई व स्कूलों के संचालन पर पड़ रहा है। इसी को देखते हुए सरकार सेवा नियमावली में संशोधन कर अध्यादेश लाने की तैयारी भी कर रही है, ताकि पदोन्नति प्रक्रिया में आ रही कानूनी बाधाओं को दूर भी किया जा सके।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार छात्र व शिक्षक हित में हर जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने बताया कि पदोन्नति विवाद और मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण प्रक्रिया रुकी भी हुई है।

वहीं शिक्षकों का कहना है कि कई कर्मचारी 30 से 32 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद भी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो रहे हैं। शिक्षकों ने मांग की है कि सरकार कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहते हुए पदोन्नति प्रक्रिया भी शुरू करे, जिससे लंबे समय से खाली पड़े पद भी भर सकें।