Uttarakhand OBC Commission hears 10 complaints, issues strict instructions to departments
देहरादून। उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी की अध्यक्षता में आयोग मुख्यालय देहरादून में आज विभिन्न जिलों से प्राप्त कुल 10 शिकायतों की सुनवाई भी की गई। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं में देहरादून, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल व उधमसिंह नगर के लोग भी शामिल रहे।
सुनवाई की शुरुआत देहरादून निवासी सरोज कुमार के उस प्रकरण से हुई, जिसमें उन्होंने अपना चोरी हुआ सामान वापस दिलाए जाने की मांग भी की थी। इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून की ओर से उपस्थित प्रतिनिधि को आयोग अध्यक्ष ने 15 दिन के भीतर गहन जांच कर शिकायतकर्ता का सामान वापस दिलाने के निर्देश भी दिए। साथ ही भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम भी उठाने को कहा।
इनाम अली के मामले में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय, देहरादून के कुलसचिव उपस्थित रहे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने 15 दिन के भीतर बैठक कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए।
वासुदेव कुशवाहा के एसजीएचएस कटौती से जुड़े मामले में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण, देहरादून के निदेशक की गैरहाज़िरी पर आयोग अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी भी जताई। इसी प्रकार उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा सक्षम अधिकारी न भेजे जाने पर भी रोष व्यक्त भी किया गया।
कुंवर विजेंद्र सिंह के जाति प्रमाण पत्र संबंधी प्रकरण में आयोग ने विभाग को निर्देश दिया कि नियमानुसार प्रक्रिया पूर्ण कर 15 दिन में आयोग को अवगत भी कराया जाए।
हरपाल सिंह (हरिद्वार) के मामले में आयोग के सदस्य सज्जाद अहमद को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए नामित भी किया गया, जबकि उधमसिंह नगर निवासी मौ. आलिम का मामला मौके पर ही निस्तारित भी कर दिया गया।
आयोग ने शेष सभी मामलों में संबंधित विभागों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी जारी किए।
सुनवाई के दौरान आयोग अध्यक्ष संजय नेगी के साथ आयोग सचिव गोरधन सिंह, सदस्य विनोद नाथ, सतीश पाल, महेंद्र कुमार वर्मा, मोहब्बत सिंह नेगी, सज्जाद अहमद, राकेश उनियाल सहित अन्य कार्मिक भी मौजूद रहे।
