Uttarakhand News Devotees will get all the facilities in Haridwar, the entrance gate of Chardham Yatra, know the preparations.
चारधाम यात्रा के प्रवेश द्वार हरिद्वार में श्रद्धालुओं के लिए एक बड़े पैमाने पर सुविधाओं की योजना भी बनाई जा रही है। इसके तहत ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप की तर्ज पर एक ही परिसर में तीर्थ यात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। इस योजना के अंतर्गत यात्रियों के ठहरने और यात्रा के दौरान आवश्यक अन्य सुविधाओं को भी विकसित भी किया जाएगा। फिलहाल, उत्तराखंड सरकार ने नगर निगम प्रशासन को उपयुक्त स्थल चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के निर्देशों के अनुसार, पर्यटन विभाग नगर निगम से भूमि लेगा, और प्रवर्तन व पुलिस विभाग इस प्रस्ताव के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाएंगे। यह व्यवस्था उसी तरह से तैयार की जाएगी जैसे ऋषिकेश में पंजीकरण कार्यालय और ट्रांजिट कैंप में श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं भी दी जाती हैं। एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है। इसके अलावा, यात्रियों को एक स्थान पर विभिन्न काउंटरों से पूरी जानकारी मिलने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार से एक विशाल क्षेत्र का चयन करने के निर्देश भी प्राप्त हो चुके हैं। नगर निगम प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों ने स्थल चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
हरिद्वार: चारधाम यात्रा का पारंपरिक प्रवेश द्वार
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालु पारंपरिक रूप से पहले हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर स्नान करते हैं और उसके बाद ही यात्रा की शुरुआत करते हैं। इस दृष्टिकोण से हरिद्वार को मुख्यत: चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है। लेकिन, पंजीकरण की अनिवार्यता और आगे की यात्रा के लिए ऋषिकेश जाने की समस्या से यात्रियों को असुविधा भी होती है। इसके समाधान के लिए हरिद्वार में यात्रियों के लिए सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई गई है। अब यात्री यहीं पंजीकरण कर सकेंगे और यात्रा की शुरुआत कर सकेंगे। इस व्यवस्था से उन्हें निर्धारित शुल्क पर यात्रा की सुविधा मिलेगी। साथ ही, प्राइवेट टैक्सी चालकों द्वारा यात्रियों से अधिक शुल्क लेने की समस्या भी समाप्त होगी। यात्रा की पूरी प्रक्रिया पर आरटीओ प्रशासन व पर्यटन विभाग की निगरानी भी होगी।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये सुविधाएं:
- ऑफलाइन पंजीकरण और टोकन सुविधा।
- स्वास्थ्य जांच, अस्पताल और मुफ्त दवाइयों की सुविधा।
- वातानुकूलित हॉल, कूलर और पंखों के साथ बैठने की व्यवस्था।
- मनोरंजन के लिए टीवी और समाचार पत्र-पत्रिकाओं के स्टॉल।
- श्रद्धालुओं के आराम के लिए डोरमेट्री सुविधा।
- स्नानघर और शौचालय की सुविधा।
- कैंटीन, जहां शुद्ध सात्विक भोजन मिलेगा।
सरकार ने स्थल चयन के निर्देश दिए हैं और विभिन्न विभागों की मदद से राष्ट्रीय राजमार्ग के पास उपलब्ध भूमि का चयन भी किया जा रहा है। इस बारे में पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। आगे की कार्रवाई शासन के निर्देशों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल, भूपतवाला में एक पार्किंग स्थल और उससे जुड़े खसरा नंबर को चिन्हित भी किया गया है। जैसे ही अगले कदम के लिए निर्देश मिलेंगे, प्रक्रिया को गति भी दी जाएगी। –वरुण चौधरी, मुख्य नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार
