Highway closed due to snowfall and rain on the peaks of Yamunotri.
यमुनोत्री धाम के आसपास की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से मौसम का मिजाज बदल गया है। चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं और क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। गंगोत्री-यमुनोत्री धाम की पहाड़ियों के साथ गोमुख ट्रैक और नेलांग-जादूंग घाटी में करीब एक से चार फीट तक बर्फ गिर चुकी है। बर्फबारी के बाद धाम और आसपास का मौसम सुहावना हो गया है और चोटियों का खूबसूरत नजारा देखने को मिल रहा है।
वहीं लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। रुद्रप्रयाग में शाम चार बजे अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का जलस्तर, जबकि हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया था। पिथौरागढ़ में काली, गोरी और सरयू नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के पास पहुंच गया।
लगातार दो दिन से हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। गंगोत्री हाईवे पर धरासू और यमुनोत्री हाईवे पर चामी व बर्नीगाड में मलबा आने से सड़कें बंद हो गईं। बारिश के चलते गंगोत्री हाईवे के धरासू क्षेत्र में सड़क खुलने और बंद होने का सिलसिला जारी रहा। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा पर दूसरे दिन अस्थायी रोक रही, हालांकि आज यात्रा जारी है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य आपदा कंट्रोल रूम से जिले के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। राजस्व विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ समेत आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। डीएम ने ट्रैकिंग पर गए और बेस कैंपों में रुके ट्रैकर्स की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील और खतरे वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ यात्रियों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।
उप जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कें खोलने के लिए जेसीबी, खाद्य सामग्री, दवाइयां और वैकल्पिक संचार व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है। चारधाम यात्रियों, ट्रैकर्स और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को हर्षिल में दो एंबुलेंस और स्वास्थ्य टीम तैनात करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
