बाहरी राज्यों के मरीजों के लिए आयुष्मान कार्ड से उपचार एक चुनौती, इलाज के लिए बैरंग लौटना पड़ रहा
दून अस्पताल में बाहरी राज्यों के मरीजों को आयुष्मान कार्ड से उपचार में समस्या: यूपी सरकार से अनुमोदन न मिलने से मरीजों को हो रही दिक्कतें
देहरादून: दून अस्पताल में बाहरी राज्यों, खासकर उत्तर प्रदेश से आने वाले मरीजों को आयुष्मान भारत कार्ड के तहत उपचार प्राप्त करने में गंभीर समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, हर दिन लगभग 10 से 12 मरीज उत्तर प्रदेश से इलाज के लिए आते हैं, लेकिन यूपी सरकार की ओर से अनुमोदन न मिलने के कारण ये मरीज उपचार के लिए बैरंग लौटने या फिर निजी खर्च से इलाज करवाने को भी मजबूर हैं।
आयुष्मान के अंतर्गत इलाज के लिए मरीजों के दस्तावेज यूपी एसएचए के पोर्टल पर भी अपलोड किए जाते हैं, लेकिन वहां से अनुमोदन प्राप्त ही नहीं हो पाता। इसका परिणाम यह होता है कि लगभग 10 में से केवल 1 मरीज को ही लाभ मिल पाता है। जानकारी के मुताबिक, दून अस्पताल ने कई बार यूपी एसएचए से इन समस्याओं के समाधान की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस हल ही नहीं निकला है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में दून अस्पताल को यूपी एसएचए की ओर से 10 से अधिक मरीजों के उपचार का क्लेम भी नहीं मिल पाया है। इस कारण अब अस्पताल प्रशासन ने बाहरी राज्यों के मरीजों का आयुष्मान कार्ड के तहत उपचार करना कठिन भी मान लिया है।
डॉ. आरएस बिष्ट, चिकित्सा अधीक्षक, दून अस्पताल ने बताया, “बाहरी राज्यों, विशेषकर उत्तर प्रदेश से आने वाले मरीजों को आयुष्मान कार्ड से उपचार में कई दिक्कतें आ रही हैं। जब मरीजों के दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं, तो यूपी सरकार की ओर से अनुमोदन ही नहीं मिलता और क्लेम में भी समस्याएं आ रही हैं।”
यह समस्या अब अस्पताल के लिए एक गंभीर चुनौती भी बन गई है और यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो बाहर के राज्यों से आने वाले मरीजों को उपचार में और भी कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ सकता है।