There will be no apology for negligence in construction works Higher Education Minister Dhan Singh Rawat gave a blunt warning to the implementing agencies
देहरादून : सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभाग में निर्माण कार्य कर रही कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी देते हुये दो टूक कहा कि समय पर निर्माण कार्य पूर्ण न करने व उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध न कराने की स्थिति में संस्थाओं को भविष्य में कोई भी नया काम नहीं दिया जायेगा। साथ ही अनुबंध की शर्त पूर्ण न करने की स्थिति में कार्यदायी संस्थाओं पर पैनल्टी भी लगाई जायेगी।
विधानसभा स्थित सभाकक्ष में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में डॉ. रावत ने उच्च शिक्षा के अंतर्गत पीएम-उषा परियोजना और राज्य सेक्टर के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिये कि अनुबंध के अनुरूप समय पर निर्माण कार्य पूर्ण न करने, गुणवत्ता में लापरवाही बरतने और समय पर यूसी उपलब्ध कराने की स्थिति में संबंधित कार्यदायी संस्था के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करते हुये भविष्य में कोई भी नया काम नहीं दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग में भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित पीएम-उषा योजना के तहत दर्जनों कार्य चल रहे हैं। जिनका निर्माण राज्य की विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है, जिनकी यूसी भारत सरकार को नियत समय पर उपलब्ध करानी होती है ताकि आगे की किस्त समय पर प्राप्त की जा सके। विभागीय मंत्री ने कहा कि कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कई बार कार्यों में लापरवाही बरतने व समय पर यूसी उपलब्ध न कराने की बात समाने आई है। जिस पर उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के उच्चाधिकारियों को दो टूक निर्देश दे दिये गये हैं।
डॉ. रावत ने बताया कि भारत सरकार द्वारा स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल स्कीम (एसएएससीआई) के तहत करीब 100 करोड़ धनराशि राज्य को प्राप्त हुई है। जिससे डेढ़ दर्जन राजकीय महाविद्यालयों में परीक्षा भवनों का निर्माण कार्य गतिमान है। जबकि इससे पूर्व विगत वर्षों राज्य के 20 राजकीय महाविद्यालयों में छात्रावास और आईटी लैब के लिए करीब 128 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई थी। जिनके निर्माण कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं। जबकि पीएम-ऊषा के अंतर्गत राज्य को विभिन्न कार्यों के लिए 160 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है। जिसमें कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल को 100 करोड़, दून विश्वविद्यालय को 20 करोड़, राजकीय महाविद्यालय रूद्रपुर व बनास पैठाणी को 10-10 करोड़, राजकीय महाविद्यालय खिर्सू, पाटी चम्पावत, रानीखेत अल्मोड़ा व कर्ण प्रयाग को 5-5 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है। इसी प्रकार राज्य सेक्टर के अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 96 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है। जिसके तहत विभिन्न महाविद्यालयों में भवन निर्माण, ऑडिटोरियम, संकाय भवन, छात्रावास, कक्षा-कक्ष आदि का निर्माण किया जा रहा है।
बैठक में सचिव उच्च शिक्षा रणजीत सिन्हा, निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. के.के. पाण्डे, उप सचिव ब्योमकेश दुबे, संयुक्त निदेशक ए.एस. उनियाल, वित्त नियंत्रक श्रीदेव सुमन विवि मनोज कुमार पाण्डेय, वित्त नियंत्रक यूओयू सूर्य प्रताप सिंह, वित्त नियंत्रक दून विवि शिवानी पाण्डेय, सहायक निदेशक उच्च शिक्षा गोविंद पाठक, प्रमोद कुमार, दीपक कुमार, शैलेन्द्र सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी और विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
