The 146-year-old Methodist Church in Pithoragarh is decorated and organized for Christmas with special prayers.
पिथौरागढ़: सीमांत जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ स्थित ऐतिहासिक मैथोडिस्ट चर्च अपनी स्थापना के 146 वर्ष पूरे भी कर चुका है। वर्ष 1879 में अमेरिका निवासी डॉ. रिचर्डसन ग्रे द्वारा स्थापित यह गिरजाघर क्रिसमस के अवसर पर आकर्षक सजावट के साथ बेहद सुंदर भी नजर आ रहा है।
पिथौरागढ़ के सिल्थाम क्षेत्र में स्थित चर्च को क्रिसमस के लिए विशेष रूप से सजाया भी गया है। शिक्षक विमल दीप फिलिप के अनुसार जिले में वर्तमान में ईसाई समुदाय के करीब 150 परिवार भी हैं, जिनकी संख्या लगभग 500 है। ये परिवार पिथौरागढ़ बाजार, बजेटी, जगतड़, दाड़िमखोला, धारचूला, बेरीनाग के सामधूरा व चौपाता क्षेत्रों में रहते हैं।
क्रिसमस को लेकर पिथौरागढ़, बेरीनाग के चौपाता व सामधूरा चर्च को लाइटों से सजाया गया है। बुधवार को चर्च में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें पादरी रेवरन अजीत पॉल और सामधूरा चर्च के पादरी अनिल सिंह ने प्रार्थना भी कराई। करीब 2 घंटे तक प्रभु यीशु मसीह के वचनों का पाठ किया गया।
क्रिसमस के दिन गुरुवार सुबह 10 बजे से विशेष प्रार्थना सभा आयोजित भी होगी, जिसमें बच्चों और 18 वर्ष तक के युवाओं को ईसाई धर्म में दीक्षित भी किया जाएगा। क्रिसमस को लेकर बच्चों और समुदाय में उत्साह का माहौल है, वहीं बाहरी क्षेत्रों में रहने वाले ईसाई परिवार भी पर्व मनाने के लिए घर को लौटे हैं।
