Religious conversion gang busted in Dehradun, case registered against five accused in Ranipokhari police station
देहरादून। राजधानी में युवाओं को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराने की कोशिश करने वाले ‘छांगुर बाबा गिरोह’ के खिलाफ पुलिस ने अब बड़ी कार्रवाई की है। रानीपोखरी थाना क्षेत्र में एक कारोबारी की शिकायत पर गिरोह से जुड़े 5 आरोपियों के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
इनमें से अब्दुल रहमान नामक आरोपी को यूपी एटीएस पहले ही पूछताछ के लिए हिरासत में भी ले चुकी है। यह गिरोह इंस्टाग्राम के माध्यम से युवाओं को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने की साजिश भी रच रहा था।
एटीएस और देहरादून पुलिस की संयुक्त जांच
एसएसपी अजय सिंह के अनुसार,
यूपी एटीएस ने देहरादून पुलिस से संपर्क कर अब्दुल रहमान व डोईवाला की मरियम नामक युवती को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया था। इसके बाद देहरादून पुलिस ने अपनी जांच टीम बनाकर संदिग्ध इंस्टाग्राम अकाउंट्स की निगरानी भी शुरू की।
तकनीकी सहायता के लिए एसटीएफ की भी मदद ली गई, जिसके बाद यह सामने आया कि एक 21 वर्षीय युवती, जो रानीपोखरी क्षेत्र की निवासी है, इस गिरोह के संपर्क में भी थी।
शिकायत पर हुआ बड़ा खुलासा
लड़की के पिता एक स्थानीय व्यापारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ समय से उनकी बेटी का व्यवहार संदिग्ध भीलग रहा था। जब उन्होंने बेटी से बात की और फोन की जांच की तो कई इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर धार्मिक रूपांतरण से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री भी मिली।
आरोपियों द्वारा शेयर की गई वीडियो में हिंदू धर्म को बदनाम करने व अपने धर्म को श्रेष्ठ साबित करने वाली बातें भी पाई गईं।
इन आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा:
- अब्दुल रहमान – शंकरपुर, सहसपुर
- अबु तालिब – मुजफ्फरनगर, यूपी
- अयान और अमन – कनॉट प्लेस, दिल्ली
- श्वेता – गोवा निवासी
इन सभी पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, आईटी एक्ट व अन्य संबंधित धाराओं में मामला भी दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें विभिन्न राज्यों में भेजी गई हैं।
साजिश का तरीका:
- इंस्टाग्राम के जरिए युवतियों से संपर्क
- धार्मिक वीडियो व मैसेज भेजकर मानसिक प्रभाव डालना
- प्रलोभन व भावनात्मक दबाव के जरिए धर्म परिवर्तन की कोशिश
- पीड़िता ने बताया कि कुछ आरोपियों ने शादी का झांसा भी दिया था
प्रशासन का संदेश
एसएसपी ने युवाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल ही पुलिस को दें।
