Rakesh Tikait mediated in the dispute between Kunwar Pranav Singh Champion and Umesh Sharma, also raised questions on the budget of the central government.
पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और खानपुर विधायक उमेश शर्मा के बीच चल रहे विवाद में किसान नेता व भाकियू टिकैत गुट के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने मध्यस्थता की कोशिश की है। उन्होंने दोनों पक्षों से मुलाकात कर समझौता कराने का प्रयास भी किया।
किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत इस विवाद को सुलझाने के लिए हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने पहले जेल में बंद पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने डामकोठी में बीजेपी नेता रानी देवयानी और समाज के अन्य लोगों से बातचीत की। शाम को वह देहरादून पहुंचे व खानपुर विधायक उमेश शर्मा से भी वार्ता की।
पत्रकारों से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि इस विवाद के पीछे जातिगत मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक हारे हुए विधायक और जीते हुए विधायक की लड़ाई है। उन्होंने समाज से अपील की कि इस मामले में जातीय और सामाजिक मोर्चे पर कोई हस्तक्षेप भी न किया जाए। टिकैत ने कहा, “समाज में इस मुद्दे को बढ़ावा न दिया जाए, और दोनों पक्षों से अपील की कि जो कुछ हो चुका है, उसे खत्म किया जाए।” उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही यह विवाद सुलझ जाएगा।
केंद्र सरकार के बजट पर राकेश टिकैत का बयान
डामकोठी पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए चौधरी राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार के हालिया आम बजट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कर्ज बढ़ाने वाला बजट अच्छा नहीं हो सकता। “किसानों, आम जनता और गरीबों के लिए बजट में राहत होनी चाहिए, न कि कर्ज में इजाफा,” टिकैत ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार पूंजीवाद को बढ़ावा दे रही है और किसानों को ठगा गया है। उन्होंने बजट में ऋण पर ब्याज दर घटाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि आम आदमी और किसान को राहत मिल सके।
