Premchand Agrawal failed to do damage control after the controversial statement, some BJP leaders also became uncomfortable
विधानसभा में क्षेत्रवाद पर दिए गए विवादित बयान के बाद कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल डैमेज कंट्रोल करने में भी विफल रहे। हालांकि, उन्होंने सदन व सदन के बाहर अपने बयान पर भी खेद जताया था, लेकिन उनके बयान ने न केवल एक वर्ग में गुस्सा बढ़ाया, बल्कि बीजेपी के कुछ नेताओं को भी असहज कर दिया।
विवादित बयान के बाद, मंत्री अग्रवाल ने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात भी की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से मिलकर उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की। इसके अलावा, उन्होंने बार-बार खुद को आंदोलनकारी बताते हुए माफी भी मांगी, मां गंगा के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी व पहाड़ी गीत पर नृत्य किया, जिसे डैमेज कंट्रोल की कोशिश भी माना गया। लेकिन गैरसैंण में स्थानीय लोगों की रैली और उनके खिलाफ हो रहे धरना-प्रदर्शन से यह सब प्रयास व्यर्थ ही साबित हुए। डैमेज कंट्रोल की कोशिशों के बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी एक बार निशाने पर आ गए थे।
विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा अध्यक्ष भी निशाने पर
भू-कानून और मूल निवास संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने मांग की है कि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ भी विधानसभा में हुए घटनाक्रम पर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की आय की जांच भी होनी चाहिए।
